जोधपुर. पर्यावरण जनचेतना यात्रा के संरक्षक हेमंत घोष ने कहा है कि पर्यावरण संतुलन की दृष्टि से भारत मे प्रति व्यक्ति 422 पेड़ होने चाहिए, जबकि यहां प्रति व्यक्ति 28 पेड़ ही है। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक पौधारोपण करना चाहिए। पौधे लगाने से भी अधिक महत्वपूर्ण पेड़ों का संरक्षण करना है।
वे रविवार को नंदनवन में जनचेतना यात्रा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उपयोग के स्थान पर उपभोग करने के हमारे व्यवहार ने जल की उपलब्धता को भी निरन्तर कम किया। हमारे पूर्वजों ने जल को नदियों-कुओं में देखा। हमसे पूर्व की पीढ़ी ने नल में देखा। हम बोतलों में देख रहे है। भावी पीढिय़ों के लिए जल कहां से आएगा। पॉलीथिन कचरा की समस्या वर्तमान में जिन्न के रूप मे हमारे सामने है। यह आंकड़ा बहुत डराने वाला है। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, अपना संस्थान तथा अमृता देवी पर्यावरण नागरिक संस्थान की ओर से अयोजित पर्यावरण जनचेतना यात्रा रविवार को नंदनवन दशहरा मैदान पहुंची। पर्यावरण संरक्षण को लेकर आम लोगों को जागरूक करने के लिए यह मुहिम 25 अगस्त तक चलेगी।
नहीं संभले को बढ़ेगा संकट
घोष ने कहा हम अगर अब भी नही सम्भल पाए तो भावी पीढिय़ों का जीवन संकट में आ जायेगा। हमे पर्यावरण मूलक शैली की ओर लौटना होगा। पौधारोपण जल संरक्षण और पॉलीथिन के न्यूनतम उपयोग से हम पर्यावरण से संरक्षण में हमारी भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। हम स्वयं जागरूक बनें तथा औरों को जागरूक बनाएं, तभी हम पर्यावरण को बचा सकेंगे।
जन चेतना रथ क स्वागत
यात्रा के विभाग प्रचार प्रमुख लेखाराम बिश्नोई ने बताया कि कार्यक्रम में राजेश रूप,लादूराम प्रजापात, प्रांत धार्मिक संस्थान प्रमुख मणिकांत जोशी ,महानगर सह संयोजक मग सिंह राजपुरोहित, महिला प्रमुख शुभा अवस्थी ,विद्यालय प्रमुख महेश गौड, गोविंद गुर्जर, समाज सेवी मोहन करवा ,किशन लड्ढा,पवन शर्मा,महेश जांगीड आदि के साथ सेंकड़ों लोगों ने रथ का स्वागत किया एवं कार्यक्रम पश्चात अतिथियों द्वारा पौधारोपण किया गय। कार्यक्रम का संचालन विभाग संयोजक तुलसीराम पंचारिया ने किया।
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