world plastic surgery day 2022: जोधपुर में हर माह सौ से अधिक प्लास्टिक सर्जरी, ज्यादातर ट्रोमा व बर्न केस

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जोधपुर. प्रदेश के दूसरे बड़े शहर जोधपुर में हर माह सौ से अधिक प्लास्टिक सर्जरी होती है। ये प्लास्टिक सर्जरी जोधपुर में डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज, एम्स व निजी अस्पतालों में होती है। सभी के आंकड़े मिलाए तो प्रतिमाह जोधपुर सौ से ज्यादा प्लास्टिक सर्जरी कर लेता है। इसमें सर्वाधिक केस ट्रोमा व बर्न के होते है। जोधपुर में सरकारी अस्पताल में बात की जाए तो महात्मा गांधी व एम्स में इसकी सुविधा उपलब्ध है। देश में लगभग 2,500 प्लास्टिक सर्जन हैं। हर दिन लगभग 5 हजार बड़ी और छोटी सर्जरी होती हैं। इनमें से लगभग 50 प्रतिशत सर्जरी ट्रोमा के केस से संबंधित हैं। हर साल देश में 15 जुलाई को वर्ल्ड प्लास्टिक सर्जरी डे मनाया जाता है। उल्लेखनीय हैं कि प्लास्टिक सर्जरी शरीर के विभिन्न अंगों जैसे होंठ, नाक, ब्रेस्ट जैसी शरीर के कई अंगो को एक खास साइज और शेप देने के लिए की जाती है। इसके अलावा मेडिकल साइंस में इसे अनुवांशिक विकार व जन्मजात विकार को ठीक करने के लिए भी उपयोग किया जाता है। पालस्टिक सर्जरी में रीकंस्ट्रक्टिव सर्जरी औक कॉस्मेटिक सर्जरी होती है।

प्लास्टिक सर्जरी में नहीं होता प्लास्टिक का इस्तेमाल

प्लास्टिक सर्जरी ग्रीक शब्द 'प्लास्टिकोस' से आया है, जिसका अर्थ है ढालना और यह हाथों को फिर से जोड़ने के लिए, जले हुए पीड़ितों के उपचार और माइक्रोवैस्कुलर सर्जरी जैसी चीजों पर ध्यान केंद्रित करता है। प्लास्टिक सर्जरी में कभी भी प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं होता है। ये लोगों में भ्रांति हैं कि इस सर्जरी में प्लास्टिक यूज करते है। महात्मा गांधी अस्पताल अब तक 8 हजार सर्जरी कर चुका है।

- डॉ. रजनीश गालवा, विभागाध्यक्ष, प्लास्टिक सर्जरी विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज



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