जोधपुर।
आधुनिक दौर में कारें ही नहीं बल्कि भारी माल वाहन वाहन भी बेतहाशा रफ्तार से दौड़ने लगे हैं। जिनसे सड़क हादसे होने की आशंका रहती है। ऐसे वाहनों की रफ्तार पर लगाम कसने व सड़क हादसे रोकने के लिए पुलिस इंटरसेप्टर वाहनों के साथ आधुनिक तरीके यानि स्पीड डिटेक्टर कैमरों (Speed Detector camera) की मदद (Trying to prevent speed of vehicles from camera's) लेनी लगी है। जो कितनी भी तेज रफ्तार में दौड़ रहे वाहनाें की रफ्तार का पता लगा लेती है। पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर की यातायात पुलिस ने तीन प्रमुख स्थानों पर हाई क्वालिटी के स्पीड डिटेक्टर कैमरे (High Quality (Speed Detector camera)) लगाए हैं। इनसे प्रतिदिन औसतन दस से पन्द्रह चालान बनाए जा रहे हैं।
रफ्तार ही नहीं चालक भी नजर में
स्पीड डिटेक्टर कैमरों (Speed Detector camera) से न सिर्फ वाहनों की रफ्तार पकड़ी जा रही है, बल्कि चालक व उसके पास बैठे व्यक्ति तक स्पष्ट देखे जा सकते हैं। इन्हाेंने सीट बेल्ट लगाया है या नहीं अथवा चालक चलते वाहन में मोबाइल का उपयोग कर रहा है तो भी कैमरा पकड़ने की क्षमता रखता है।
लाल बत्ती की अवहेलना करने वालों पर भी नजर
यातायात पुलिस के लिए रेड लाइन वॉइलेशन डिटेक्शन आरएलवीडी सिस्टम (RLVD) भी मुहैया कराया गया है। इनके कैमरों से ट्रैफिक पॉइंट पर लाल बत्ती होने के बावजूद लाइन क्रॉस करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। शहर के 5वीं रोड सर्कल पर यह कैमरा लगा है। इससे चालू वर्ष में 338 चालान बनाए जा चुके हैं।
इन स्थानों पर कैमरें की नजर में रफ्तार
- भगत की कोठी रेलवे स्टेशन के बाहर पाली रोड
- कायलाना सर्कल
- मण्डोर रोड पर सीसुब के पास बालसमन्द तिराहा
ई-चालान के आंकड़ाें पर नजर
संसाधन---------------कुल चालान----------------प्रशमन-------------तामिल बाद लम्बित---------लम्बित
सीसीटीवी-------------6402------------------------934----------------1791--------------------------5141
स्पीड कैमरे-----------1489
आरएलवीडी-----------338
(नोट :- यह आंकड़े पुलिस कमिश्नरेट के यातायात शाखा की ओर से प्राप्त है और 1 जनवरी 2022 से 7 जून 2022 तक के हैं।)
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'वाहनों की रफ्तार नियंत्रण के लिए कैमरों की मदद ली जा रही है। स्पीड यातायात पुलिस व अभय कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर की मदद से कैमरों से चालान की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, हादसों की रोकथाम के लिए स्पीड डिटेक्टर कैमरों से भी रफ्तार को काबू में रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।'
चैनसिंह महेचा, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात जोधपुर।
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