Lunar Eclipse - जोधपुर. इस साल का पहला चंद्र ग्रहण 16 मई को लगने वाला है। चंद्र ग्रहण के दिन ही बुद्ध पूर्णिमा भी है। इसके अलावा चंद्रग्रहण पर इस साल दो शुभ संयोग भी निर्मित हो रहे हैं। ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक इन दो शुभ योग के कारण मेष, सिंह और धनु राशियों पर इसका शुभ फल रह सकता है।
ज्योतिष गणना के अनुसार साल का यह पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। नौकरीपेशा लोगों के अलावा कारोबारियों के लिए भी ग्रहण शुभ है। चंद्र ग्रहण 16 मई को सुबह 6.16 बजे तक वरियान योग रहेगा। इसके बाद 16 मई की सुबह से दोपहर करीब 2.30 बजे तक अगले दिन परिघा योग भी रहेगा। वक्र योग में किए गए सभी शुभ कार्य पूर्ण होते हैं । ग्रहण के दौरान दो शुभ योग बनने से मेष, सिंह और धनु राशि के जातकों को शुभ फल मिल सकता है।
वृश्चिक राशि में चंद्रमा का गोचर
ग्रहण के वक्त चंद्रमा वृश्चिक राशि में होगा। इस ग्रहण के कारण इस राशिवालों के जीवन में कई बदलाव महीनों तक प्रभावित करेंगे। ग्रहण में भले की सूतक काल नहीं है, लेकिन ग्रहण से जुड़े दान-पुण्य आदि करना चाहिए। ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। ग्रहण काल में मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। ज्योतिष अनीष व्यास ने बताया कि चंद्रग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। जिसके चलते देश में सूतक काल मान्य नहीं होगा।
अगले ग्रहण
हर साल कुल 4 ग्रहण लगते हैं। दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण। 16 मई के बाद 25 अक्टूबर को स्वाति नक्षत्र और तुला राशि पर सूर्य ग्रहण होगा। इसके बाद 8 नवम्बर को खंडग्रास चंद्र ग्रहण भरणी नक्षत्र और मेष राशि पर होगा। यह भारत में दिखाई देगा।
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