जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से अलग होकर बने एमबीएम विश्वविद्यालय को जमीन, भवन, शिक्षक, फैकल्टी सहित अन्य सुविधाएं शीघ्र मिल जाएगी। जेएनवीयू शीघ्र नया प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजेगा। सरकार इसे राजभवन भेजेगी, जहां से एमबीएम को उसकी चल-अचल सम्पति और शिक्षक-छात्र ट्रांसफर किए जाएंगे। दोनों विश्वविद्यालयों में कई चीजें आपस में गुंथी होने के कारण कुछ समय तक दोनों को आपसी सामंजस्य के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि व्यवस्थाएं पटरी से नहीं उतरे।
एमबीएम विवि का गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद पहली बार सरकार के स्तर पर शुक्रवार को जयपुर में बैठक आयोजित कर एमबीएम विवि की सुध ली गई। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव कुलदीप रांका की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अलावा जेएनवीयू कुलपति प्रो प्रवीण चंद्र त्रिवेदी और एमबीएम विवि के कुलपति प्रो अजय शर्मा शामिल हुए।
एमबीएम कॉलेज की पूरी सम्पति देगी जेएनवीयू
राज्य सरकार ने जेएनवीयू को वर्तमान में एमबीएम कॉलेज के लिए उपयोग में आ रहे भवन, कक्षाएं, छात्रावास, क्वाट्र्सस समस्त सम्पति का प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा है ताकि उसे एक साथ ट्रांसफर किया जा सके। इससे जेएनवीयू की व्यवस्थाएं नहीं बिगड़ेगी। एमबीएम कॉलेज परिसर के पास संचालित मैनेजमेंट संकाय, ईएमआरआरसी व्यस्वस्थाएं होने तक वर्तमान स्थिति में ही संचालित होंगे।
जेएनवीयू छात्रों का पैसा भी देगी
जेएनवीयू को एमबीएम कॉलेज के छात्रों की फीस का शुल्क भी एमबीएम विवि के खाते में ट्रांसफर करने को कहा गया है। शिक्षक व छात्र ट्रांसफर होने के साथ फण्ड भी आ जाएगा ताकि नए बने विवि का कामकाज सुचारू चल सके।
लैब टेक्निशियन व अन्य कर्मचारी भी देने पड़ेंगे
वर्तमान में एमबीएम फैकल्टी में विभिन्न विभागों की प्रयोगशाला में कार्यरत लैब टेक्निशियन एमबीएम विवि को देने के निर्देश दिए हैं। कुछ अन्य नॉन टीचिंग कर्मचारी भी प्रतिनियुक्ति पर दिए जाएंगे।
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