पीपाड़ सिटी /जोधपुर. उपखंड क्षेत्र के साथीन गांव में स्थित पशु चिकित्साल के मुख्य द्वार पर शनिवार को ताले जड़े मिले, जिससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं में खुरपका तथा मुंहपका रोग फै ल रहा है।
शनिवार को सवेरे 11 बजे जब कुछ ग्रामीण पशुओं के लिए दवा लेने पशु चिकित्सालय पहुंचे तो वहां पर ताले जड़े मिले। स्टाफ के आने की उम्मीद लिए ग्रामीण काफी इंतजार भी करते रहे लेकिन कोई कर्मचारी चिकित्सालय नहीं पहुंचा तो आखिरकार ग्रामीणों को मजबूरन निजी पशु चिकित्सकों के पास जाना पड़ा। पशु चिकित्सालय में अव्यवस्था को लेकर पूर्व में भी ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायतें उच्च स्तर तक दर्ज करवाई जा चुकी है।
तीन वर्षों से चिकित्सक का पद खाली
पशु चिकित्सालय में पिछले 3 वर्षों से पशु चिकित्सक का पद रिक्त है। पशुधन सहायक के पद पर लगी दो महिला कर्मचारियों के भरोसे पर ही पशु चिकित्सालय संचालित हो रहा है। शनिवार को दोनों नदारद मिली।
बेसहारा गोवंश के हालात बदतर
ग्रामीण क्षेत्रों में बेसहारा गोवंश काफी तादाद में इस रोग की चपेट में है। रोग की चपेट में आई गायों तथा सांडो के पैरों में गहरे घावों से रक्त प्रवाहित होने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चिकित्सा सुविधा के अभाव में ग्रामीणों द्वारा ऐसे गोवंश को जनसहयोग से राशि एकत्रित कर गोशाला भिजवाया जा रहा है। गांव में सरकारी पशु चिकित्सालय की सुविधाओं से वंचित पशुपालको में इसको लेकर आक्रोश है।
इन्होंने कहा
दोनों महिला कर्मचारियों से बात की है। इस प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी गई है। यदि भविष्य में पुन: ऐसा पाया गया तो विभागीय स्तर पर उचित कार्यवाही होगी।
डॉ. कल्पित मालवीय,नोडल अधिकारी पीपाड़ सिटी।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3ncR2kJ
0 comments:
Post a Comment