जोधपुर।
जिले में कमजोर मानसून के चलते बारानी क्षेत्र में बोई गई फ सलों के जलने के बाद गत दिनों हुई बरसात से सिंचित क्षेत्र की फ सलों में कुछ राहत के साथ रबी सीजन की बुवाई समय पर होने की उम्मीद बनी है लेकिन अकाल के हालात देखते हुए खरीफ फ सल बुवाई लागत नहीं निकलने से रबी बुवाई भी ऋ ण लेकर करने की स्थिति बन गई है। जिले में इस बार करीब 4 लाख हैक्टेयर में रबी सीजन की बुवाई होनी है। ऐसे में सहकारी ऋ ण पर किसानों की निर्भरता बढ़ गई है।
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समय पर ऋण वितरण होने पर ही बुवाई संभव
सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक ने जोधपुर जिले में वर्ष भर में 760 करोड़ रुपयों के ऋ ण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया था। 31 अगस्त तक खरीफ सीजन के ऋ ण वितरण में 550 करोड़ रुपयों का ऋ ण वितरण किया था। रबी सीजन में 210 लाख करोड़ के ऋ ण वितरण का लक्ष्य पूरा होना है। ऐसे में समय पर ऋ ण वितरण शुरू होने पर ही किसान रबी सीजन की बुवाई कर पाएंगे।
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इस बार अधिकांश फसलें खराब
इस बार बारिश नहीं होने की वजह से खरीफ सीजन में बोई गई अधिकांश फसलें खराब हो गई। इस बार निर्धारित बुवाई लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाया और अधिकांश फसलों को नुकसान हुआ है। बाजरा की करीब 50 प्रतिशत, मूंग की करीब 30 प्रतिशत फसल जल गई। वहीं अन्य फसलें भी प्रभावित हुई है।
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खरीफ सीजन में मानसून कमजोर रहने से फ सल बुवाई लागत नहीं निकलने की स्थिति बन गई है। इससे किसानों को रबी बुवाई सीजन के आदान की व्यवस्था के लिए ज्यादा ऋ ण की जरुरत पड़ेगी।
मानकराम परिहार, प्रांत अध्यक्ष
भारतीय किसान संघ, जोधपुर
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जिले में रबी सीजन बुवाई 20 सितंबर से शुरू होनी है। ऐसे में सरकार रबी सीजन में सहकारी ऋ ण का लक्ष्य बढ़ाकर समय पर ऋ ण वितरण शुरू करें, जिससे किसानों को रबी सीजन की बुवाई समय पर करने में परेशानी न हो।
नरेश व्यास, संभाग अध्यक्ष
भारतीय किसान संघ, जोधपुर
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