जोधपुर।
शहर में यातायात नियमों की पहली पाठशाला यानि टै्रफिक पार्क विकसित करने की कवायद शुरू की गई है। परिवहन विभाग अन्य विभागों के साथ मिलकर इसको अंतिम रूप देगा। जयपुर और कोटा की तर्ज पर यहां भी स्कूली बच्चों व शहरवासियों को मॉडल बनाकर यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। अभी इसके लिए स्थान और जमीन का आकार तय नहीं हुआ है।
राज्य सरकार ने इसके लिए बजट में प्रावधान किया था। इसमें यातयात नियम तोडऩे वालों व सडक़ हादसों में हो रही बढ़ोतरी को रोकने के लिए यह प्रयास किया गया है। इससे लोगों को यातायात नियमों का ज्ञान किताबी न हो पूर्ण रूप से वास्तविक होगा।
जयपुर-कोटा में निरंतर उपयोगी नहीं
जयपुर के विज्ञान उद्यान एवं कोटा में भी इस प्रकार के ट्रैफिक पार्क बने हुए हैं। लेकिन बनने के बाद कुछ समय तक तो उसका सकारात्मक उपयोग होता रहा, लेकिन इसके बाद न तो अधिकारियों ने इस ओर ध्यान दिया और न ही जनता जागरूकता दिखा पा रही है।
थीम यह कि किसी का चालान न कटे
इस ट्रैफिक पार्क को कुछ ऐसी थीम पर विकसित किया जाना है कि इससे एक बार जो इस पार्क का अवलोकन कर ले, इसके बाद उसका चालान न कटे। या फिर कोई बार-बार नियमों को तोड़ता है तो उसका सजा के तौर पर इस पार्क के नियम सीखने को कहा जा सकता है।
अभी जगह निश्चित नहीं
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी रामनारायण बडगुर्जर ने बताया कि इसके लिए जेडीए व अन्य विभागों से जमीन के लिए प्रयास चल रहे हैं। जैसे ही जमीन निर्धारित होती है उसका काम धरातल पर लाया जाएगा। इसमें संकेत, डिवाइडर, फुटपाथ और नियमों की जानकारी देने वाले वास्तविक मॉडल तैयार किए जाएंगे।
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