जोधपुर. डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय की ओर से हाल ही में घोषित स्नातकोत्तर (एमडी) प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के 6 में से 5 विद्यार्थी फेल कर दिए गए। इसमें विवि की स्नातक टॉपर डॉ निशा शर्मा और ऑल इंडिया आयुर्वेद पीजी एंट्रेंस टेस्ट में बेहतर रैंकर रही केरल की डॉ अखिला एआर भी शामिल है। उदयपुर स्थित राजकीय आयुर्वेद विवि और जयपुर स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की परीक्षा भी आयुर्वेद विवि ने ही आयोजित की थी। उदयपुर में सर्जरी के 5 और जयपुर में 7 विद्यार्थी थे। वे भी सभी पास हो गए। आयुर्वेद विवि के छात्रों ने सर्जरी विभाग के वरिष्ठ शिक्षक पर जानबूझकर फेल करने का आरोप लगाते हुए विवि कुलपति व कुलसचिव को लिखित शिकायत दी। कुलपति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीन डॉ महेंद्र शर्मा की अध्यक्षता में चार शिक्षकों की एक कमेटी गठित की है। कमेटी उत्तर पुस्तिकाएं सहित अन्य परीक्षा कार्य देखेगी।
11 विभाग में से केवल सर्जरी में ही फेल
आयुर्वेद विवि में 11 विभाग में स्नातकोत्तर होती है। वर्ष 2019 बैच के 66 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिसमें से 6 फेल हुए। इसमें पांच अकेले सर्जरी विभाग के हैं। इन 66 में से 3 विद्यार्थी प्रायोगिक परीक्षा में फेल हुए। ताज्जुब की बात यह है कि ये तीनों विद्यार्थी सर्जरी के ही है। केवल सर्जरी में फेल होना विवि प्रशासन के गले नहीं उतर रहा है इसलिए उसने चार शिक्षकों की बड़ी जांच कमेटी गठित की है।
हार्ड डिस्क, ईयर फोन मांगने का आरोप
विवि की परीक्षाएं ऑफलाइन मोड पर जनवरी 2021 में आयोजित की गई थी। हाल ही में परीक्षा परिणाम जारी हुआ है। छात्रों का आरोप है कि शिक्षक ने प्रेक्टिल में पास करने के लिए प्रत्येक छात्र से एक-एक hard disk और ईयर फोन (wireless) की डिमांड की। सीनियर बैच के छात्रों से वाटर कंडेंशन मांगा। छात्रों ने शिक्षक की डिमाण्ड पूरी नहीं की।
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‘हमने कुलपति के आदेश से डीन की अध्यक्षता में चार शिक्षकों की कमेटी गठित की है। अगर शिक्षक की भूमिका सामने आती है जो उस पर कार्रवाई की जाएगी।’
- डॉ गोविंद सहाय शुल्का, प्राचार्य, यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ आयुर्वेद, डॉ एसआरएस आयुर्वेद विवि जोधपुर।
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