मोरो में 'रानीखेत बीमारी पर नियंत्रण में कारगर साबित हुआ वैक्सीन अभियान

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

NAND KISHORE SARASWAT

जोधपुर. जिले की सीमा से सटे पाली की रोहट तहसील के गांव भाखरीवाला के आसपास और जिले में लूणी तहसील के भटिण्डा क्षेत्र में मोरों में फैली घातक बीमारी 'रानीखेतÓ पर नियंत्रण के लिए वैक्सीन अभियान कारगर सिद्ध हुआ है। पशुपालन विभाग, पर्यावरणप्रेमी और वनविभाग के समन्वित प्रयास वैक्सीन की करीब 30 हजार डोज से मृत्यु दर पर नियंत्रण पाने में सफल रहे। बीमारी से प्रभावित 29 गंभीर मोरों का जोधपुर में इलाज कर जान बचा ली गई।

रोहट के ग्राम भाखरीवाला, सांवलता, विश्नोईयो की ढाणी एवं आसपास के क्षेत्रों में मोरों की अज्ञात बीमारी से मौतों को लेकर राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित समाचारों के बाद बीमार मोरों को माचिया बायोलोजिकल पार्क स्थित वन्यजीव चिकित्सालय पहुंचाने के इंतजाम शुरू हुए। गांवो में वन्यजीव प्रेमियों के सहयोग से चुग्गा घरों, नाडियों, पानी की खेळियों, टंकियो इत्यादि मे शुद्ध ताजा मीठा पानी टैंकरों से भरवाया गया।

मृत मोरों के विसरा जांच के लिए भोपाल, बरेली भेजने के बाद रानीखेत बीमारी फैलने की पुष्टि की गई। वरिष्ठ पशु चिकित्सक राज्य कुक्कुट प्रशिक्षण संस्थान अजमेर के डॉ. आलोक खरे व क्षेत्रीय पशुपालन अधिकारियो के साथ प्रभावित क्षेत्रों में लसोटा वैक्सीन जलपात्रों के माध्यम से देने से मोरों की मृत्यु दर पर अंकुश लग गया।गत 25 मई से 21 जून तक 30 हजार डोज दी गई।

इनका कहना...
रोहट तहसील व आसपास के क्षेत्रों में 24 अप्रेल से 15 जून तक 217 मोर गंभीर हालात में मिले। इनमें से 88 की मृत्यु हो गई। शेष 129 मोरों को माचिया जैविक उद्यान के वन्यजीव चिकित्सालय रेफर किया गया। यहां इन मोरों का उपचार कर मौत के मुंह से निकाल लिया गया।

एसआरवी मूर्ति, मुख्य वन संरक्षक, जोधपुर संभाग



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3gWFdMk
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment