2.50 लाख रिश्वत लेने पर दो मध्यस्थ गिरफ्तार

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जोधपुर.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जोधपुर ने अजमेर के ब्यावर में मिठाई व्यवसायी से दुकान निर्माण को अवैध बताकर तोडऩे का नोटिस दिलाकर समझौता करने की एवज में 2.50 लाख रुपए रिश्वत लेने पर गुरुवार को दो मध्यस्थों को गिरफ्तार किया। जबकि एक पार्षद फरार हो गया। दो अन्य पार्षद भी संदेह के दायरे में हैं।

ब्यूरो के उप महानिरीक्षक डॉ विष्णुकांत ने बताया कि ब्यावर में नेहरू गेट के बाहर कृष्णा कॉलोनी निवासी हलवाई और मिठाई व्यवसायी सीताराम पुत्र जगदीश प्रसाद साहू की शिकायत पर डिग्गी चौक में डिग्गी मोहल्ला निवासी मध्यस्थ सुनील पुत्र राकेश लखारा व शाहपुरा मोहल्ला में उड़ान चौक निवासी ठेकेदार भरत मंगल पुत्र रमेश को 2.50 लाख रुपए रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया। वार्ड-57 का पार्षद कुलदीप बोहरा एसीबी की भनक लगने पर जय मंदिर से फरार हो गया। जिसकी तलाश की जा रही है। वहीं, एक अन्य पार्षद सहित अन्य की भूमिका की जांच की जा रही है।
दुकान तोडऩे का नोटिस दिलाकर तीन लाख मांगे

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत ने बताया कि कृष्णा कॉलोनी निवासी सीताराम का शाहपुरा मोहल्ला में माता का मंदिर के पास मकान है, जहां एक साल पहले रिनोवेशन कर दुकान बनवाई थी। फिर मिठाई की दुकान खोली थी। वार्ड-56 का पार्षद अनिल चौधरी व वार्ड-57 का पार्षद कुलदीप बोहरा ने नगर परिषद में बिना अनुमति दुकान के निर्माण की शिकायत की थी। अतिक्रमण सह-प्रभारी ने 22 अप्रेल को बिना अनुमति दुकान के निर्माण को अवैध बताकर नोटिस दिया था। जिसमें तुरंत निर्माण हटाने या तीन दिन में भू-स्वामित्व संबंधी दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए गए थे। 14 मई को मध्यस्थ भरत मंगल ने परिवादी सीताराम से मोबाइल पर बात कर मामला निपटाने के लिए पार्षद अनिल चौधरी, कुलदीप बोहरा व वार्ड-19 के सुरेन्द्र सोनी से बातचीत कर तीन लाख रुपए देने की सलाह दी। फिर भरत मंगल दुकान पर मिला और तीनों पार्षदों को तीन लाख रुपए देने का दबाव डाला था। 17 मई को सत्यापन में कुलदीप बोहरा, भरत मंगल व अन्य के 2.50 लाख रुपए रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।
मध्यस्थ को पकड़ एसीबी मंदिर पहुंची तो पार्षद भागा

इस बीच, गुरुवार को पार्षद कुलदीप व मध्यस्थ भरत मंगल पीडि़त की दुकान पहुंचे, जहां सीताराम से दस मिनट बाद दुकान पर आने वाले योगेश या सुनील को रिश्वत देने के निर्देश दिए। इन दोनों के जाने के दस मिनट बाद सुनील दुकान पर आया और सीताराम ने उसे 2.50 रुपए रिश्वत दी। तभी इशारा मिलते ही एएसपी भोपालसिंह लखावत के नेतृत्व में निरीक्षक अमराराम खोखर ने दबिश देकर मध्यस्थ सुनील लखारा को पकड़ लिया। उसने रिश्वत राशि भरत मंगल व पार्षद कुलदीप के लिए लेना स्वीकारा। पार्षद को पकडऩे के लिए एसीबी ब्यावर में नया ठिकाणा जाने लगी तो भरत मंगल ने फोन कर सुनील को जय मंदिर बुलाया। वहां पहुंचने पर एसीबी को देख दो जने भागने लगे। एसीबी ने पीछा कर भरत मंगल को पकड़ लिया। जबकि पार्षद कुलदीप फरार हो गया।



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