जोधपुर. काजरी जोधपुर में सोमवार को वर्चुअल मोड पर विश्व जल दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि मृदा और जल संरक्षण संस्थान देहरादुन के विभागाध्यक्ष डॉ पीआर ओजस्वी ने जल प्रबन्धन द्वारा जल की उत्पादकता बढाने पर व्याख्यान देते हुए कहा कि जल संरक्षण की संरचनाओं का मूल्यांकन उत्पादकता के स्थान पर क्षमताओं के आधार पर करना चाहिए। विश्व जगत के लिए जल जीवनदायनी प्राकृतिक संपदा है।
काजरी निदेशक डॉ ओपी यादव ने कहा कि भारत में उपलब्ध जल का अधिकतम हिस्सा खेती के काम में आता है। इसकी उत्पादकता को बढ़ाने की काफ ी संभावना है। विश्व भर में स्वच्छ जल की उपलब्धता को बढ़ाने और जल के अपव्यय एवं दूषित होने से रोकना होगा।
कार्यक्रम संयोजक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ आरके गोयल ने विश्व जल दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाला एवं जल के महत्व, संरक्षण और उपलब्धतता को बढाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही भारत में जल को बचाने के लिए लोग सचेत रहे है। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ महेश गौड़ ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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