जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में माउंट आबू वाइल्डलाइफ सेंचुरी के चारों ओर इको-सेंसटिव जोन घोषित करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता ने अंतिम अधिसूचना पर सवाल उठाते हुए आपत्ति पेश करने के लिए समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने दो सप्ताह बाद याचिका सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश रामेश्वर व्यास की खंडपीठ में याचिकाकर्ता रुस्तम जहांगीर कामा की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान याची की अधिवक्ता प्रज्ञा लखानी ने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 11 नवंबर, 2020 को माउंट आबू वाइल्डलाइफ सेंचुरी के चारों ओर इको-सेंसटिव जोन घोषित करने की अधिसूचना जारी की है। इससे पहले केंद्र सरकार ने इको सेंसटिव जोन के लिए 3 जून, 2019 को प्रारूप जारी करते हुए आपत्तियां व सुझाव मांगे थे, जिस पर याची सहित कई लोगों ने आपत्तियां व सुझाव दिए, लेकिन अंतिम अधिसूचना से यह दर्शित नहीं होता कि उन आपत्तियों का यथोचित निस्तारण किया गया है। उन्होंने अंतिम अधिसूचना के साथ केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त शपथ पत्र पर प्रत्युत्तर पेश करने के लिए समय मांगा।
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