ऱाजपूत शिक्षा कोष से मिल रहा प्रतिभाओं को मौका

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जोधपुर. समाज के आर्थिक दृष्टि से कमजोर,जरूरतमंद प्रतिभाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सामाजिक सोच को लेकर स्थापित राजपूत शिक्षा कोष से समाज के 55 बालक.बालिकाओं को आगे बढऩे का मौका मिल रहा है। पूर्व आईएएस ओंकार सिंह बाबरा की ओर से स्थापित नेक कार्य को पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ नारायण सिंह माणकलाव समाज के प्रबुद्ध जनों के साथ आगे बढ़ा रहे हैं । डॉक्टर माणकलाव ने बताया कि राजपूत शिक्षा कोष के लिए 10 करोड का स्थाई कोष समाज के सभी लोगों से सहयोग के लिए स्थापित किया गया है। कोष में अब तक 1 करोड से अधिक राशि समाज बंधुओं से प्राप्त हो चुकी है। कोष के माध्यम से वर्तमान में 55 जरूरतमंद बालक बालिकाएं कक्षा 6 से 12 तक व आगे भी लाभान्वित हो रहे हैं ।

शादी समारोह, खुशी व परिजनों की स्मृति में "शिक्षा नेक" देने की अनूठी परंपरा बन रही है-

डॉ माणकलाव ने बताया कि राजपूत शिक्षा कोष के माध्यम से एक अनूठी पहल शुरू की गई है । समाज के शादी ब्याह व अन्य खुशी के अवसरों पर काफी व्यय किया जाता है ,इसको देखते हुए राजपूत शिक्षा कोष को मजबूत बनाने के लिए ऐसे समारोह के आयोजनकत्र्ताओं से समाज के प्रतिभावान बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए आयोजन के अवसर पर व्यय का आधा प्रतिशत या इच्छा अनुसार" शिक्षा नेक" के रूप में राशि देने का अनुरोध किया जा रहा है । 2 वर्ष पूर्व शुरू की गई इस अनूठी पहल व अभिनव प्रयास, जिसमें 1 वर्ष कोरोना काल का चला गया है, अब तक समाज की 25 से अधिक शादी विवाह में वर वधू पक्ष द्वारा" शिक्षा नेक" के रूप में आर्थिक सहयोग दिया गया है उन्होंने बताया कि जहां भी शादी ब्याह में आमंत्रित किया जाता है वहा ***** शिक्षा नेक"के लिए अनुरोध किया जाता है , इसका अच्छा परिणाम सामने आ रहा है, उन्होंने बताया कि इसके अलावा परिवार जनों द्वारा अपने परिजन की पुण्य स्मृति, अन्य कार्यक्रमों सगाई दस्तूरी, जन्मदिन समारोह व गृह प्रवेश में भी" शिक्षा नेक" के रूप में आर्थिक सहयोग किया जा रहा है ।



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