जोधपुर।
प्रदेश में किसानों को मूंगफ ली का उत्पादन रास आने लगा है। प्रदेश में दो लाख से अधिक किसान मंूगफ ली की खेती करते है। प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 7 लाख 28 हजार हैक्टेयर में मूंगफ ली की बुवाई हुई थी, जहां 18 लाख मीट्रिक टन मूंगफली का उत्पादन हुआ है।इस बार मूंगफली के दाम बढऩे से किसानों के चेहरे खिले हुए है। गत कही वर्षो से बेमौसम बरसात व दाम कम रहने के चलते मूंगफ ली में किसानों को ज्यादा मुनाफ ा नहीं मिल रहा था, लेकिन इस बार मौसम अनुकूल रहने से अच्छी पैदावार के साथ ही मूंगफ ली के दाम बढऩे से किसानों को आर्थिक रूप से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
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देशी काजू के नाम से प्रसिद्ध मूंगफली
मूंगफली तेल के साथ ही मूंगफ ली का दाना बड़ी मात्रा में खाने में उपयोग लिया जाता है। ऐसे में मूंगफ ली को गरीब का काजू भी कहते है। वहीं सिंगदाना के नाम से प्रसिद्ध मूंगफ ली को देशी काजू का भी दर्जा दिया हुआ है। मंूगफ ली के पौष्टिक गुणों के कारण इसके दाने व दानों से बने बटर की बड़ी मांग रहती है।
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सफेद लट बन रही खतरा
मौसम अनुकूल रहने से जहां मूंगफ ली उत्पादन किसानों के लिए फ ायदे की खेती साबित हो रही है। वहीं सफेद लट के कारण मूंगफ ली उत्पादन पर संकट भी मंडरा रहा है। किसानों के अनुसार, जिस क्षेत्र में सफेद लट का प्रकोप होता है, वहां खेत के खेत इस कीट द्वारा खत्म कर दिए जाते है, इससे किसानों को बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है।
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-7.28 लाख हैक्टेयर प्रदेश में बुवाई
- 1.40 लाख हैक्टेयर जिले में बुवाई
- 18 लाख मीट्रिक टन प्रदेश में उत्पादन
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