पोषाहार की राशि पर कुंडली मारे बैठे है अधिकारी, कैसे चलाए घर

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जोधपुर
आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले नौनिहालों व गर्भवती महिलाओं के लिए पोषाहार सप्लाई करने वाले समूहों का पांच माह की राशि पिछले करीब आठ माह से बकाया चल रही है। ऐसे में समूह संचालित करने वाली महिलाओं को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बकाया राशि के भुगतान को लेकर विभाग के कई चक्कर काटे लेकिन हर बार एक ही जवाब मिला जल्द ही भुगतान कर देंगे। लेकिन हकीकत यह है कि पोषाहार की राशि का भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पांच माह की पोषाहार राशि बकाया
आंगनबाड़ी केन्द्रों पर नौनिहालों व गर्भवती महिलाओं के लिए शहरी क्षेत्र में 203 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं बेबी मिक्स पोषाहार की सप्लाई होती थी। जिसमें बच्चों के लिए 750 ग्राम व गर्भवती महिलाओं के लिए 930 ग्राम पोषाहार प्रति सप्ताह दिया जाता था। इन समूहोंं का नवम्बर 2019 से मार्च 2020 से पोषाहार की राशि बकाया चल रही है। प्रति समूह करीब 40 हजार रुपए पोषाहार राशि के बकाया चल रहा है।

व्यथा - ब्याज पर रुपए उधार लेकर खरीदा था पोषाहार
नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि अधिकतर समूह संचालन करने वाली महिलाएं उधार में पोषाहार खरीद कर केन्द्रों पर सप्लाई किया। तो किसी ने ब्याज पर रुपए लेकर पोषाहार खरीदा। अब उनकी हक की राशि अटकी होने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं देते। बार-बार कहते है तो कार्रवाई का डर दिखाते है।

इन्होंने कहा
शहरी क्षेत्र में केन्द्रों पर पोषाहार सप्लाई करने वाले समूहों की कितनी राशि बकाया चल रही है इसकी जानकारी लेकर जल्द भुगतान करवाने की कार्रवाई करवाता हूं।
- श्रवणसिंह, उपनिदेशक, समेकित बाल विकास विभाग, जोधपुर



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