खींचन के बाद ओलवी में कुरजां कंजर्वेशन रिजर्व की तैयारी

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

बिलाड़ा/जोधपुर. शीत कालीन प्रवास के लिए जोधपुर जिले के विभिन्न जगहों पर आने वाले मेहमान पक्षी कुरजां के लिए अब जिले के खींचन के बाद बिलाड़ा के ओलवी में सत्रह सौ बीघा क्षेत्र के तालाब एरिया को रिजर्व क्षेत्र घोषित किया जाएगा। इसके लिए गुरुवार को संभागीय आयुक्त डॉ. समित शर्मा की मौजूदगी मे प्रस्ताव पारित कर सरकार को प्रेषित करने का निर्णय किाया गया।

क्षेत्र की ओलवी पंचायत के अधीन तालाब क्षेत्र में हर वर्ष शीतकाल के दौरान खींचन की ही भांति हजारों की संख्या में मेहमां पक्षी कुरजां का आगमन होता है। तहसीलदार ताराचंद प्रजापत व सरपंच अशोक कुमार विश्नोई ने कुरजां संरक्षण एवं इनके पड़ाव क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व क्षेत्र घोषित करवाने के लिए जिला प्रशासन से कई बार लिखित में निवेदन किया।

संभागीय आयुक्त डॉ. समित शर्मा गुरुवार को ओलवी पहुंचे। करीब चार घंटे तक क्षेत्र का निरीक्षण किया। तालाब परिधि में खड़े विदेशी बबूल एवं झाडिय़ों को नष्ट कर इस क्षेत्र मे शिकार को रोकने के लिए तारबंदी करवाने, नरेगा के तहत चारों और छायादार पेड़ लगाने वन विभाग की एक चौकी स्थापित करने आदि प्रस्ताव पारित किए गए।

इस मौके सरपंच, तहसीलदार, सहायक अधिकारी डॉ. विश्वनाथ प्रताप सिंह, वनपाल कैलाश गिरी आदि क्षेत्रवासियों की मौजूदगी में विकास कार्य के प्रस्ताव पारित किए गए।


बन सकता है पर्यटन स्थल

पंचायत समिति क्षेत्र की ओलवी पंचायत ही एक मात्र ऐसी पंचायत है जिसका तालाब का क्षेत्रफल सत्रह सौ बीघा है जिसमें वर्षाजल भी सर्वाधिक समय तक ठहरता है । यही कारण है कि तालाब विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का आश्रय स्थल बना हुआ है। पास ही की पंचायत चांदेलाव में फोर्ट स्थित है जहा हर वर्ष आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/39h4rBI
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment