बिलाड़ा नगरपालिका में दो अधिशासी अधिकारी : एक ने सरकार तो दूसरे ने हाईकोर्ट के आदेश से डेरा जमाया

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बिलाड़ा (जोधपुर). नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी की कुर्सी पर दो अधिकारियों के दावा जताने से कस्बावासियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। एक अधिकारी ने राज्य सरकार के आदेश से कार्यभार ग्रहण किया है, वहीं दूसरे अधिकारी ने हाईकोर्ट से स्टे लेकर पद संभाला है।

राज्य सरकार ने 29 सितम्बर को आदेश जारी कर बिलाड़ा के अधिशासी अधिकारी हरीशचंद गहलोत का स्थानांतरण पीपाड़ कर दिया गया। उनके स्थान पर नरेन्द्र सिंह काबा को अधिशासी अधिकारी लगाया गया। काबा ने 30 सितम्बर को बिलाड़ा नगरपालिका में कार्यभार ग्रहण कर लिया तथा और हरीशचंद गहलोत ने राज्य सरकार के आदेशानुसार पीपाड़ में कार्यभार ग्रहण कर लिया। इसके बाद पीपाड़ के पूर्व अधिशासी अधिकारी सुरेश चंद शर्मा ने हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त कर पीपाड़ में पुन: कार्यभार एज्यूम कर लिया। जिस पर स्वायत्त शासन विभाग ने हरीशचंद गहलोत को अग्रिम आदेश तक जयपुर के लिए एपीओ कर दिया।

यहां से शुरू हुई अटकल बाजी

पीपाड़ से एपीओ करने के बाद गहलोत ने बिलाड़ा में कार्यरत अधिशासी अधिकारी को प्रतिवादी बनाते हुए हाईकोर्ट से आग्रह करते हुए कहा कि उसे बिलाड़ा नगरपालिका से असमय हटाया गया है। अत: बिलाड़ा नगरपालिका में पुन: काम करने का अवसर दिया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने गहलोत की याचिका पर स्थगन आदेश जारी करते हुए उन्हें बिलाड़ा में अधिशासी अधिकारी के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए।

दोनों अधिकारियों ने मांगा मार्गदर्शन
राज्य सरकार की ओर से लगाए गए अधिशासी अधिकारी नरेन्द्र सिंह काबा ने स्वायत्त शासन विभाग को पत्र लिखकर राय मांगी है कि वे सरकार के आदेश से बिलाड़ा पालिका में कार्यरत हैं जबकि हरीशचंद गहलोत को पीपाड़ नगरपालिका अधिशासी अधिकारी के पद पर रहते हुए एपीओ किया गया है। अब उन्हें अगर न्यायालय से स्थगन आदेश मिला है तो उन्हें पीपाड़ नगरपालिका में कार्यभार ग्रहण करना चाहिए न कि बिलाड़ा में। इसके बावजूद हरीशचंद गहलोत ने बिलाड़ा नगरपालिका में जबरन कार्यभार एज्यूम किया है।

वहीं कार्यभार एज्यूम करने वाले हरीशचंद गहलोत ने भी स्वायत्त शासन विभाग को पत्र लिखकर सलाह मांगते हुए कहा है कि जब उन्होंने बिलाड़ा नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी को प्रतिवादी बनाते हुए हाईकोर्ट में रिट दायर की है तो उन्हें स्टे भी बिलाड़ा पालिका के लिए ही मिला है।

गहलोत पद संभालने पहुंचे तो बंद मिला कार्यालय

गहलोत न्यायालय से स्थगन प्राप्त कर बिलाड़ा नगरपालिका में कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे तो पहले से कार्यरत इओ (अधिशासी अधिकारी) नरेन्द्र सिंह काबा कार्यालय तथा सभी लिपिकीय कर्मचारियों के कार्यालयों के ताले लगवाकर पालिका सभागार में कर्मचारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने स्थगन आदेश को नकार दिया जिस पर हरीशचंद गहलोत पालिकाध्यक्ष कार्यालय का दरवाजा खुलवाकर उसमें बैठ गए और ऑनलाईन कार्यभार ग्रहण करने की सूचना स्वायत्त शासन विभाग जयपुर को भिजवा दी। हालांकि बुधवार को पूरे दिन पालिका का प्रशासनिक कार्य नरेन्द्र सिंह काबा ही संचालित करते देखे गए।



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