बिलाड़ा(जोधपुर). एक देश, एक बाजार की परिकल्पना को साकार करने के लिए केन्द्र सरकार देश की सभी मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए करोड़ों रुपए के उपकरण उपलब्ध करवा रही है। इसी क्रम में बिलाड़ा कृषि उपज मंडी में आने वाली किसानों की उपज की गुणवत्ता जांचने के लिए एवं उन्हें हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध हो उसके लिए 75 लाख रुपए आवंटित किए गए हैं।
मंडी सचिव रामसिंह सिसोदिया के अनुसार ई-परियोजना के अन्तर्गत मंडी में मूंग, चना, सरसों, गेहूं, बाजरा, जीरा, सौंफ आदि की गुणवत्ता एवं उनकी शुद्धता की नि:शुल्क जांच करने के लिए आधुनिक ग्रेन मोरपोलाजी एवं ऑयल टेस्टिंग मशीनें स्थापित की गई। इसके अलावा प्रोजेक्टर टेबलेट लेपटॉप ई-वेईग तौल आदि भी लगाए जा रहे हैं। यह सारे उपकरण एक विशेष प्रकार की लैब में लगाए जा रहे हैं।
सिसोदिया ने बताया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इसके लिए उपज की गुणवत्ता को जांच के लिए यह उपकरण लगाए गए। उन्होंने बताया कि ऑयल टेस्टिंग मशीन से सरसों, गेहूं व मूंग की जांच होगी, वहीं सरसों में नमी व तेल की मात्रा तथा गेहूं व मूंग में प्रोटीन व नमी की मात्रा मापी जाएगी।
ग्रेन मोरपोलोजी मशीन से जीरा, मूंग बाजरा, बाजरी, चना, उड़द, ज्वार, गेहूं आदि जिंस की भी जांच की जाएगी। इसमें कृषि जिंस की क्षतिग्रस्त अनाज अपरिपक्वता, खरपतवार के दाने और चमक आदि की जांच हो सकेगी। साथ ही ई-नाम परियोजना के तहत किसानों को अपनी कृषि उपज बेचने पर ई-भुगतान लेने पर मंडी शुल्क की 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि सीधे किसान के खाते में जाएगी।
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