जेएनवीयू शिक्षक भर्ती को मिल सकती है क्लीनचिट, नई जांच में शिक्षक भर्ती में धांधली के आरोपों के नहीं मिले प्रमाण

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गजेन्द्र सिंह दहिया/जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में 2012-13 में हुई 154 शिक्षकों की भर्ती के मामले में वर्तमान सरकार ने कोटा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो बीएम शर्मा के समन्वयन में दिसम्बर 2019 में नई 7 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है, जिसने जांच अब लगभग पूरी कर ली है। संभवत: महीने भर बाद कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप देगी। सूत्रों के अनुसार कमेटी को शिक्षक भर्ती में धांधली के आरोपों के पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं। संदेह के आधार पर कमेटी शिक्षक भर्ती को क्लीन चिट दे सकती है।

गौरतलब है कि इस भर्ती को लेकर एसीबी ने एफआइआर दर्ज कर रखी है। ७० के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया है। वर्ष २०१७ में भर्ती से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था जो वर्तमान में जमानत पर बाहर है। इस मामले में तत्कालीन राज्यपाल व कुलाधिपति कल्याण सिंह के आदेश पर विवि की ओर से गठित योग्यता जांच कमेटी ने ३४ शिक्षकों को बर्खास्त भी किया था।

पुरानी जांच कमेटी पसंद नहीं आई, जनता का लाखों रुपया बर्बाद
शिक्षक भर्ती में धांधली की जांच के लिए वसुंधरा सरकार ने ३ फरवरी २०१७ को कोटा विवि के ही पूर्व कुलपति प्रो पीके दशोरा की जांच कमेटी गठित की थी, जिसने एक साल तक जांच की। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग व राजभवन को सौंपी। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में साफ तौर पर भर्ती में भारी अनियमितता मानते हुए इसे रद्द करने की सिफारिश थी, जिसे कल्याण सिंह ने जून २०१८ में अपने पत्र के साथ जेएनवीयू को भेजा और सिण्डीकेट में इसे खोलने को कहा था। जेएनवीयू के किसी भी कुलपति ने किसी भी सिण्डीकेट में इस रिपोर्ट को नहीं रखा। हाल ही में जेएनवीयू ने उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर दशोरा कमेटी के अस्तित्व के बारे में पूछा। उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ मोहम्मद नईम ने ४ सितम्बर २०२० को विवि को पत्र लिखकर बताया कि प्रभावित शिक्षकों के अनुरोध पर राज्य सरकार ने ११ नवम्बर २०१९ को प्रो बीएम शर्मा के संयोजन में नई जांच कमेटी गठित कर दी है। पुरानी कमेटी पर राज्य सरकार खामोश है यानी जांच परिणाम जारी किए बगैर प्रो दशोरा कमेटी को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है जो जनता के लाखों रुपयों की बर्बादी है।

प्रभावित पक्ष को नहीं सुनने का तर्क निराधार
राज्य सरकार का नई कमेटी गठन के पीछे तर्क है कि प्रो. दशोरा कमेटी ने प्रभावित पक्ष को पूरी तरीके से सुना नहीं था, जबकि प्रो. दशोरा कमेटी ने राष्ट्रीय स्तर के दो समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करवाकर सभी व्यक्तियों से सबूत और उनका पक्ष मांगा था। कमेटी २०१७ में जोधपुर भी आई और यहां तीन दिन रुककर पक्ष व विपक्ष सभी से मिली थी।

जांच लगभग पूरी, जल्द रिपोर्ट देंगे
अगर कोविड-१९ लॉकडाउन नहीं होता तो अब तक जांच रिपोर्ट दे चुके होते। हमने जांच लगभग पूरी कर ली है। दो-तीन बिंदुआें पर जांच जरुर बाकी है।
प्रो बीएम शर्मा, संयोजक, जेएनवीयू शिक्षक भर्ती २०१२-१३ जांच कमेटी



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