जोधपुर.
पाली के पुराना हाउसिंग बोर्ड स्थित मकान में चोरी करने के मामले में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस की गिरफ्त में आने वाले पुलिस कमिश्नर जोधपुर के रिक्रूट कांस्टेबल पर सेवा से रिमूव होने का खतरा मण्डराने लगा है। उसे निलम्बित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर रिक्रूट कांस्टेबल को सेवा से रिमूव भी किया जा सकता है।
पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय व यातायात) कालूराम रावत के अनुसार प्रकरण में आरोपी रिक्रूट कांस्टेबल देचू थानान्तर्गत जैतसर में प्रेमसर निवासी सागरराम पुत्र पन्नालाल मेघवाल को निलम्बित कर दिया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त (प्रोटोकॉल) उम्मेदसिंह को विभागीय जांच करने के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर रिक्रूट सिपाही सागरराम को सेवा से रिमूव किया जाएगा। आरोपी रिक्रूट कांस्टेबल सागरराम वर्ष २०१८ बैच का कांस्टेबल है। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर कुछ समय पहले ही पुलिस बेड़े में शामिल हुआ था। वह रातानाडा पुलिस लाइन में पदस्थापित है।
दो साल से शातिर नकबजन के सम्पर्क में था सिपाही
उधर, पाली के औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने शातिर नकबजन माणक चौक में मकराना मोहल्ला निवासी मोहित उर्फ मोंटू उर्फ वीर कंसारा पुत्र कैलाशचन्द्र ठठेरा और रिक्रूट कांस्टेबल सागरराम मेघवाल को कोर्ट में पेश कर रिमाण्ड लिया है। दोनों को बुधवार को फिर से कोर्ट में पेश किया जाएगा। जांच में सामने आया कि रिक्रूट कांस्टेबल सागरराम जोधपुर में रहने के दौरान दो-तीन साल पहले शातिर नकबजन मोहित कंसारा के सम्पर्क में आया था और मित्रता हो गई थी। पुलिस का दावा है कि सागरराम पहले बार चोरी करने के लिए मोहित के साथ पाली गया था।
बिना विभागीय जांच के रिमूव करने का भी प्रावधान
आरोपी रिक्रूट कांस्टेबल प्रोबेशन अवधि में है। उसका नवम्बर-दिसम्बर में कन्फर्मेशन होना है। पुलिस नियमों के तहत गलत गतिविधियों में लिप्तता पाए जाने पर प्रोबेशन अवधि में बिना किसी विभागीय जांच के सेवा से रिमूव कर सकते हैं। इस कांस्टेबल को भी बगैर जांच के रिमूव करने की पूरी तैयारी थी, लेकिन उच्चाधिकारी ने विभागीय जांच कराने का निर्णय किया।
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