जोधपुर. जैन समाज के प्रमुख महापर्व पर्युषण की आराधना के पांचवे दिन गुरुवार को कल्पसूत्र वाचन के दौरान भगवान महावीर का जन्मोत्सव मनाया गया। जैन धार्मिक स्थलों से माता त्रिशला के 14 स्वप्नों के दर्शनों से जुड़ी झांकियों का ऑनलाइन दर्शन करवाया गया। फलवृद्धि पाश्र्वनाथ तपागच्छ संघ की ओर से भगवान महावीर स्वामी के पालना को सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के साथ दाधीच नगर से कटला की बारी लाया गया। ऑनलाइन भक्ति संध्या में धीरज कुमार रांका व कमल सुराणा ने भजन प्रस्तुत किए। नेहरू पार्क के पीछे स्थित महावीर भवन में पयुर्षण आराधना के पांचवे दिन बुधवार को संत कमलमुनि कमलेश ने कहा की विषमता कुंठा पैदा करती है जिसमें प्रेम सद्भाव करुणा नष्ट हो जाते हैं। विषमता जहर से भी खतरनाक है । महावीर भवन में संत की ओर से केशलोच कार्यक्रम के बाद सभी भक्तों ने विषमता छोड़कर सदभाव में रमण करने का संकल्प लिया। कौशल मुनि ने मंगलाचरण व अक्षत मुनि ने भी विचार व्यक्त किए। कायलाना रोड़ स्थित संबोधि धाम में संत चन्द्रप्रभ के ऑनलाइन चातुर्मास प्रवचन में बुधवार को पर्युषण पर्व में महावीर जन्मोत्सव मनाया गया। माता त्रिशला के 14 स्वप्न और अवतरण से जुड़ी झांकी सजाई गई।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/319qbeo
0 comments:
Post a Comment