जोधपुर.
कोरोना काल से ठीक पहले नगरीय विकास आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग ने एक आदेश जारी किया। इमसें फायर एनओसी के लिए सख्ती बरतने के साथ फायर सेस भी वसूलने के आदेश थे। कोरोना काल में इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। लेकिन शहर में ऐसी इमारतों को फायर सेस जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि भवनों को जारी होने वाले यह नोटिस बेक डेट के भी हैं।
इस प्रकार हो फायर सेस की वसूली
- 15 मीटर ऊंचाई तक 50 रुपए प्रति वर्गमीटर
- 15 अधिक से अधिक लेकिन 40 मीटर की ऊंचाई तक 100 रुपए प्रति वर्गमीटर
- 40 मीटर से अधिक व 60 मीटर की ऊंचाई तक 150 रुपए प्रति वर्गमीटर
- 60 मीटर से अधिक ऊंचाई में 200 रुपए प्रति वर्गमीटर की वसूली होगी
इस सेस का उपयोग सरकार तय करती है
इस सेस को सीधे जयपुर की बैंक शाखा के खाते में जमा करवाने के निर्देश है। यह सेस वन टाइम वसूला जा रहा है। इस सेस का उपयोग सरकार अग्निशमन उपकरण, मॉक ड्रिल या अन्य प्रशिक्षण में कर सकेगी। लेकिन जोधपुर नगर निगम में इसके विपरीत इस राशि को स्थानीय स्तर पर ही एकत्रित किया जा रहा है। अभी तक जो नोटिस जारी हुए हैं, उनको स्थानीय रूप से ही राशि जमा करवाने को कहा जा र हा है।
होटल व्यवसायियों से वसूली
इस सेस से सबसे ज्यादा मार होटल व्यवसाय पर पड़ी है। पहले से ही पर्यटन व अन्य व्यापार ठप है। ऐसे में होटलों का संचालन बंद सा है। ऐसे में यह वन टाइम सेस के नोटिस दिए जा रहे हैं। एक सामान्य श्रेणी की होटल पर 3 लाख से लगातार 20 लाख तक का भार पड़ेगा।
व्यापारियों पर भारी पड़ेगा यह सेस
होटल इंडस्ट्री तो पहले से ही मर रही है और फायर सेस अब इस पर ज्यादा बोझ डालेगा। कोविड के दौर में इस प्रकार का बोझ उचित नहीं है। छोटे व्यापारी तो सहन ही नहीं कर पाएंगे।
- जे.एम, बूब, अध्यक्ष, जोधाणा होटल्स एंड रेस्टोरेंट सोसायटी
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