जोधपुर. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को जारी रिपोर्ट में 218 संक्रमित मिले और इतने ही मरीज डिस्चार्ज हुए। वहीं महात्मा गांधी अस्पताल में 3 और एम्स में 1 की मौत हो गई। 2018 सैंपल की जांच में कुल 10.80 फीसदी संक्रमित निकले। वहीं रिपोर्ट में रविवार को भी चिकित्सा विभाग ने फिर मौतें छिपाई है। मौत वाले कॉलम अभी तक हटा हुआ है। एम्स में भर्ती शास्त्रीनगर सेक्टर ई निवासी रेखा खेतानी महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कलाल कॉलोनी नागौरी गेट निवासी कमला और सांगरिया फांटा निवासी केशाराम की भी कोरोना से मौत हो गई। रूपनगर द्वितीय पाल रोड निवासी गंगा ( 42) की भी महात्मा गांधी अस्पताल में मौत हो गई। ये शनिवार को भर्ती हुई थी। इन सभी कोरोना के साथ अन्य बीमारियां भी बताई गई है।
कमला की मरणोपरांत रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जोधपुर में अब तक 12621 मरीज संक्रमित और 168 की मौत हो चुकी हैं।
किसान आंदोलन में ड्यूटी कर लौटे एक एएसआइ सहित तीन पुलिसकर्मी संक्रमित
किसान आंदोलन में युवा किसान के मृत्यु उपरांत कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद अब एक एएसआइ व क्विक रेस्पांस टीम के दो जवान भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें होम आइसोलेशन में रखा है।
पुलिस उपायुक्त पूर्व धर्मेन्द्रसिंह यादव ने बताया कि कमिश्नरेट के ऑफिस अनुभाग में पदस्थापित 55 वर्षीय एक एएसआइ की शाम को कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वह 26 अगस्त को भारतीय किसान संघ के आंदोलन के संबंध में तिंवरी व उम्मेद नगर गया था। दूसरे ही दिन कार्यालय आने पर बुखार की शिकायत होने पर एएसआइ को घर भेजा गया था। तब से वह होम आइसोलेशन में है। अब उसकी जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। उधरए क्यूआरटी के दो जवान भी संक्रमित पाए गए हैं।
कोरोना के लिए आइसोलेशन तीन सप्ताह जरूरी: शोध
एम्स जोधपुर में कम्यूनिटी मेडिसिन और फैमिली मेडिसिन विभाग ने एक शोध में तीन हफ्ते तक आइसोलशन में रहने को कहा है। शोध में सामने आया कि 21 दिन तक कोरोना का टेस्ट पॉजिटिव आने की संभावना रहती है। एम्स ने इसके लिए कई मरीजों पर शोध किया। इसके बाद ये निष्कर्ष निकाला। उल्लेखनीय हैं कि कई शोध में ये भी बताया गया कि मृत वायरस फेफड़े मौजूद रहने के कारण भी व्यक्ति दोबारा संक्रमित आता है।
कोरोना मीटर
अस्पताल. एमडीएमए एम्स जोधपुरए एमजीएचए बोरानाडा कोविड सेंटर
कुल पॉजिटिव भर्ती.2851
पॉजिटिव से नेगेटिव.9618
डिस्चार्ज.9617
कुल मौतें.169
स्टेट व जोधपुर की रिपोर्ट अलग-अलग होने से भ्रम की स्थिति
स्टेट व और जोधपुर की अलग-अलग रिपोर्ट से स्थिति गुमराह जैसी हो गई है। रविवार को स्टेट रिपोर्ट में 149 संक्रमित और 417 रोगी डिस्चार्ज बताए। वहीं जोधपुर रिपोर्ट में 218 संक्रमित और इतने ही डिस्चार्ज किए। सवाल है कि एक ही स्टेट से जुड़े जिले में फिर अलग-अलग जानकारियां क्यों साझा की जा रही है।
मौतें भी छिपाई जा रही
जोधपुर की लोकल रिपोर्ट में इन दिनों एक तरफ जहां मौतों का कॉलम हटा लिया गयाए वहीं स्टेट की रिपोर्ट केवल 98 मौतें बयां कर रही है। जबकि वास्तविकता में मौतें जोधपुर में 165 है। जबकि स्टेट में डिस्चार्ज 9534 बता रहे हैं और लोकल 9617 डिस्चार्ज हैं। स्टेट रिपोर्ट में कुल संक्रमित 9642 हैए जबकि सच्चाई है कि जोधपुर में 12621 मरीज संक्रमित हो चुके हैं। सूर्यनगरी में कोरोना के एक्टिव केस 2851 है, लेकिन प्रदेश स्तर की सूची में 2237 बताए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि ये स्टेट रिपोर्ट समूचे प्रदेश में सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंच रही है। जिसमें भी संपूर्ण तरीके से भ्रामक जानकारी लोगों तक पहुंच रही है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3lrkyAx
0 comments:
Post a Comment