जोधपुर।
कोरोना संकट में जब पूरी दुनिया थम सी गई, तब भी जोधपुर के कॉनकोर इनलेण्ड कंटेनर डिपो (आइसीडी) से निर्यात कंटेनर एक्सप्रेस खूब दौड़ती रही। 23 मार्च से देशभर में लॉकडाउन शुरू हो गया था और 31 मई तक देश में अधिकांश कारोबार बंद रहा। कोरोना के कारण विश्व के अन्य देशों में कारोबार व बाजार प्रभावित हुआ। इसके बावजूद जोधपुर के कॉनकोर कंटेनर डिपो से मुन्द्रा व पीपावाव पोर्ट बंदरगाह तक ट्रेनें चलती रही। इसी का नतीजा है कि मार्च से मई तक लॉकडाउन अवधि में जोधपुर कॉनकोर से करीब 2800 कंटेनर्स भेजे गए।
--
अब रफ्तार पकड़ रही कंटेनर एक्सपे्रस
23 मार्च से लॉकडाउन घोषित होने से पहले तक सामान्य रूप से काम हो रहा था। लॉकडाउन घोषित होने के बाद जो कंटेनर फैक्ट्रियों से आइसीडी में पहुंच गए, उनकी ढुलाई होती रही। 24 अप्रेल को प्रशासन ने निर्यातकों की मांग पर फैक्ट्रियों में तैयार माल को एक्सपोर्ट करने की छूट दे दी। बाद में, फैक्ट्रियां खोलने की इजाजत मिलना शुरू हो गईं। सामान्य दिनों में 1500 कंटेनर्स माल ट्रेनों द्वारा भेजे जाता है। कॉनकोर के रिकार्ड के अनुसार, लॉकडाउन अवधि के कारण तीन माह में 31 फ ीसदी कम कंटेनर्स भेजे गए है। कंटेनर एक्सप्रेस ने जून खत्म होते-होते रफ्तार पकड़ी ली। जुलाई में स्थिति पहले से बेहतर है।
---
पश्चिमी राजस्थान के कंटेनर्स भी यहीं से जाते हे
जोधपुर कॉनकोर आइसीडी से जोधपुर के अलावा प्रदेश के पश्चिमी हिस्से बाडमेर, जैसलमेर, मथानिया आदि के भी कंटेनर्स पोर्ट तक भेजे जाते हैं। जोधपुर से हैण्डीक्राफ्ट, ग्वारगम, टेक्सटाइल, स्टील, स्टोन, एग्री प्रोडक्ट्स आदि एक्सपोर्ट होते है।
---
जोधपुर से भेजे गए कंटेनर्स
माह-- कुल कंटेनर्स ----- हैण्डीक्राफ्ट व फर्नीचर कंटेनर्स
मार्च-- 1568--- 855
अप्रेल-- 300--- 65
मई-- 924--- 307
जून-- 1300--- 702
----------------------------
कुल-- 4092--- 1929
----------------------------
निर्यातकों की मांग पर लॉकडाउन में भी कंटेनर ट्रेन उपलब्ध कराई गई। हैण्डीक्राफ्ट कंटेनर्स की आवश्यक मांग के अनुरूप मालगाड़ी चलाई गई। यहां से दक्षिण भारत के लिए अनाज की दस ट्रेनें भेजी गई। इसी दौरान व्यापारियों की मांग पर जोधपुर में कई इम्पोर्ट कंटेनर भी मंगवाए गए ।
आशीष तिवारी, मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव
कॉनकोर, जोधपुर
------
एसोसियेषन ने सभी ऑथोरिटीज को रिप्रजेंटेशन भेजकर निर्यातकों के तैयार कंटेनर्स के आवागमन की व्यवस्था करवाई । कॉनकोर से भी निरन्तर ट्रेनें पोर्ट तक मिलती गई।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
--
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2WFhC8K
0 comments:
Post a Comment