गिलोय टेबलेट का 6 जिलों के 12 हजार कोरोना संदिग्ध लोगों पर परीक्षण शुरू, जोधपुर एम्स में पिलाई जा रही दवा

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गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआइए) जयपुर ने बुधवार से प्रदेश के 6 जिलों के कंटेनमेंट जोन में रहने वाले निवासियों पर गिलोय की टेबलेट का परीक्षण शुरू कर दिया है। 45 दिन तक 12000 लोगों पर इसका ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद इस टेबलेट के कोरोना वायरस से लडऩे के परिणाम सामने आएंगे। इसके अलावा एनआइए जयपुर द्वारा एम्स जोधपुर में कोरोना रोगियों पर आयुर्वेदिक दवा से क्लीनिकल ट्रायल को लेकर भी बुधवार को एम्स की एथिकल कमेटी से मंजूरी मिल गई। एनआइए, एम्स जोधपुर के कोरोना वार्ड में 40-40 रोगियों के दो ग्रुप पर आयुष-64 दवाई का परीक्षण करेगा। यह दवाई 30 दिनों तक मरीज को दी जाएगी। प्रतिदिन 250 मिलीग्राम की दो-दो टेबलेट सुबह-शाम दी जाएगी। तीन महीने तक मरीज का फॉलो किया जाएगा।

6 हजार को दवाई, 6 हजार बगैर दवाई के
गिलोय की टेबलेट का परीक्षण जयपुर, कोटा, अजमेर, जोधपुर और टोंक में किया जा रहा है। जयपुर को दो भागों में विभक्त किया गया है। सभी जिलों के कंटेनमेंट जोन के 6 हजार लोगों को 45 दिनों तक गिलोय की टेबलेट सुबह-शाम दी जाएगी। शेष 6 हजार लोगों को बगैर टेबलेट रखा जाएगा यानी पति को टेबलेट दी जाएगी और पत्नी के स्वास्थ्य से इसे क्रॉस चेक किया जाएगा। यह परीक्षण उन्हीं लोगों पर किया जा रहा है जिनमें कोरोना होने की सर्वाधिक आशंका है।

एनआईए में प्रतिदिन 3 हज़ार कोरोना टेस्टिंग की लैब स्थापित
एनआईए जयपुर में कोरोना मरीजों की जांच के लिए सभी मशीन व उपकरण लगा दिए गए हैं। यहां प्रतिदिन 3 हजार मरीजों के नमूनों की जांच हो सकेगी। आईसीएमआर से अनुमति के बाद यहां कोरोना जांच शुरू की जाएगी।

एम्स के मरीजों पर करेंगे परीक्षण
एम्स के वार्ड में कोरोना रोगियों पर आयुष-64 और छह जिलों के कंटेनमेंट जोन में गिलोय की टेबलेट का परीक्षण किया जा रहा है।
- डॉ संजीव शर्मा, निदेशक, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर



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