गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. टिड्डी लगातार बेकाबू होती जा रही है। बुधवार रात को पाकिस्तान की तरफ से बाड़मेर के रास्ते एक नया दल घुसने की रिपोर्ट आई। वहीं अब टिड्डी दल में गुलाबी के साथ पीले रंग की टिड्डी भी नजर आने लगी है यानी अब टिड्डी के अंडे देने का खतरा बढ़ गया है। बुधवार को प्रदेश के 10 जिलों अजमेर, जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, जोधपुर, बूंदी, जालौर और पाली में छोटे से बड़े टिड्डी दलों पर पेस्टिसाइड स्प्रे करके नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। टिड्डी को काबू में करने के लिए बुधवार से बाड़मेर में 2 ड्रोन लगाए गए। ड्रोन से टिड्डी पर कुछ स्प्रे हुआ। गुरुवार को नागौर में भी ड्रोन आ जाएंगे। शुरुआती तौर पर पांच जिलों में ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
10 से 20 प्रतिशत पीली टिड्डी
भारत में पाकिस्तान से टिड्डी प्रवेश के करीब डेढ़ महीना हो गया है। गुलाबी रंग की युवा टिड्डी अब परिपक्व होकर पीले रंग में आ रही है। परिपक्व टिड्डी 15 से 20 दिन में अंडे देना शुरू कर देती है। प्री मानसून बरसात होने पर रेगिस्तान मिट्टी के अंदर यह अंडे देगी। इसी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने जुलाई में भी भारत में भयंकर टिड्डी हमला होने की आशंका व्यक्त की है।
3 किलोमीटर लंबा-चौड़ा टिड्डी दल
जोधपुर में बुधवार सुबह बावड़ी के पास 3 किलोमीटर लंबा-चौड़ा टिड्डी दल नजर आया, जिस पर कृषि विभाग की टीमों ने नियंत्रित करने का प्रयास किया। कृषि विभाग के उप निदेशक वीरेंद्र सिंह सोलंकी, संयुक्त शासन सचिव एसपी सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और नियंत्रण कार्यक्रम का जायजा लिया। फलौदी में हमेशा की तरह अच्छा खासा टिड्डी दल रहा। इसके अलावा बावड़ी, लोहावट, देचू और बाप छेत्र में नियंत्रित कार्यक्रम चलाया गया। बुधवार को 1375 हेक्टर में पेस्टिसाइड स्प्रे किया गया।
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