साथ खेले पढ़े और लॉकडाउन में बंध गए आजीवन बंधन में, मूक-बधिर वर-वधु ने थामा एक दूजे का हाथ

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. वो दोनों ही साथ-साथ 12 वीं तक पढ़े। साथ खेले-कूदे, लेकिन कभी एक दूसरे को अपनी दिल की बात नहीं कह पाए। मूक बधिर प्रीति और उन्हीं के सहपाठी मूक बधिर नेमीचंद को अध्ययनकाल में ही कब एक दूसरे से प्रीत हो गई दोनों को पता ही नहीं चला। दोनों अपनी दिल की बात एक दूसरे को कहने में असक्षम जरूर थे लेकिन घर वालों ने उनकी दिल की आवाज सुनी समझी और वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को विवाह करना तय किया। लेकिन इस बीच कोरोना के कारण लॉकडाउन के चलते तय मुहूर्त में विवाह होना मुश्किल लग रहा था।

ऐसे में विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी पं. राजेश दवे, उपाध्यक्ष संदीप गिल, विक्रांत अग्रवाल ने विवाह कार्यक्रम की व्यवस्था और वर-वधु को घर से सुरक्षित लाने ले जाने में सहयोग किया। पं. राजेश दवे ने वैदिक विधि से दोनों का पाणिग्रहण संस्कार पूर्ण करवाया। गुलजार नगर भदवासिया निवासी वधु के माता पिता सुबोध -मंजू दवे ने कन्यादान की रस्म निभाई। चांदना भाखर निवासी 27 वर्षीय नेमीचंद वैष्णव ने पाणिग्रहण संस्कार के बाद घर जाकर अपनी माता कैलाशी और भाई सुरेश से आशीर्वाद प्राप्त किया।

दस लोगों की मौजूदगी में खाए फेरे
लॉकडाउन में एक जोड़े ने साधारण समारोह में शादी कर सामाजिक संदेश दिया। मगरा पूंजला निवासी एसबीआई बैंक कर्मी महेश भाटी और चौखा चौपासनी निवासी गंगा ने जिला प्रशासन और पुलिस से अनुमति लेकर परिजनों की मौजूदगी में सात फेरे लिए। शादी समारोह के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सेनेटाइज़ेशन का पूरी तरह से पालन किया गया। विवाह कार्यक्रम चौखा चौपासनी दुल्हन के पिता किशनलाल के निवास पर किया गया। लॉकडाउन के कारण गुजरात में रुकने वाले दुल्हन के भाई व बैंककर्मी विनोद गहलोत ने समारोह को वीडियो कॉल पर देखा। दूल्हे के भाई नारायण ने बताया कि सादे समारोह की वजह से हुई बचत के कारण धनराशि पीएम फंड में व एक समाजसेवी संस्थान को भेंट की गई। दोनो पक्षों की ओर से केवल 10 रिश्तेदार ही शामिल हुए।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/35KqMnv
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment