अमित दवे/जोधपुर. कोरोना महामारी के चलते सोमवार से लागू हुए मॉडिफाइड लॉकडाउन में सोमवार से हैंडीक्राफ्ट, स्टील, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, एग्रो फूड सहित कई औद्योगिक इकाइयां चालू नहीं हो पाई। लॉकडाउन के बीच सरकार ने केवल बोरानाड़ा में स्थापित फैक्ट्रियों में मैन्यूफैक्चरिंग का कार्य की अनुमति दी है, लेकिन बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री संचालित कर रहे निर्यातक इसके लिए सरकार की सख्त गाइड लाइन को लेकर दुविधा में हैं।
जोधपुर हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ.भरत दिनेश ने बताया कि व्यावहारिक कारणों के चलते लॉकडाउन के बीच बोरानाडा औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री खोलना मुश्किल होगा। सरकार की अनुमति मिलने से फैक्ट्री में एकाउंटिंग और कार्यालय संबंधी कार्य ही संभव हो सकते हैं। लेबर और रॉ मेटीरियल पहुंचने में दिक्कत लॉकडाउन तक बनी रहेगी। लॉकडाउन के रहते फैक्ट्री खोलना आसान नहीं है।
कुछ मुख्य गाइडलाइन्स
- फैक्ट्री में कार्यरत लेबर को वहां रहने के लिए डॉरमेट्री का इंतजाम होने के साथ ही सेनेटाइजिंग टनल की व्यवस्था करना जरूरी होगा।
-कोरोना संक्रमण को रोकना पूरी तरह से फैक्ट्री संचालक की जिम्मेदारी होगी।
-स्टाफ का एक भी व्यक्ति फैक्ट्री में आने पर यह गाइडलाइन पूरी तरह से लागू होगी।
इन क्षेत्रों में नहीं खुले उद्योग
जिला प्रशासन ने रविवार रात को आदेश जारी कर रीको क्षेत्राधिकार, नगर निगम सीमा में विभिन्न क्षेत्रों व आसपास के राजस्व गांवों में आने वाले उद्योगों को बंद रखने के आदेश दिए है। जिसके अनुसार हैवी इंडस्ट्रियल, लाइट इंडस्ट्रियल एरिया, रीको, बासनी प्रथम व द्वितीय फेज, मंडोर औद्योगिक क्षेत्र, मंडोर स्टोन पार्क, सांगरिया, बनाड़, बडली, कुड़ी भगतासनी, पाल, चौखा, आंगणवा, नांदड़ी, झालामंड, गुजरावास, गोलासनी, उचियारड़ा, खोखरिया क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक इकाइयां लॉकडाउन तक बंद रहेगी।
इनका कहना है
उद्योगों को धीरे-धीरे चालू करना पडेग़ा, जो सोशल डिस्टेंसिंग के साथ चालू की जा सकती है। इस तरीके से उद्योग चालू करें तो उद्योग एक सप्ताह में चालू किए जा सकते हैं।
-जीके गर्ग, स्टील उद्यमी
मॉडिफाइड लॉकडाउन में फैक्ट्रियां खोलने से कोई विशेष फर्क नहीं पड़ेगा। गाइडलाइन सख्त है, उद्यमी उद्योग चलाए या गाइडलाइन की पालना करें। अभी पूरी लेबर भी नहीं है।
-प्रकाश जीरावाला, स्टील बर्तन के उद्यमी
जोधपुर के उद्योग को 01 माह में 2000 करोड़ का फटका
लॉकडाउन के पहले चरण यानी 22 मार्च से 20 अप्रेल तक की बात करें, तो शहर के प्रमुख उद्योगों को करीब दो हजार करोड़ रुपए का फटका लग गया है। सरकार ने अब सोमवार से मोडिफाइड लॉकडाउन लागू कर दिया है, इसमें भी उद्योग संचालन के लिए उद्यमियों को सरकार की सख्त गाइडलाइन की पालना करनी होगी। उद्यमियों का कहना है कि यह स्थिति रही तो मोडिफाइड लॉकडाउन में उद्योगों का संचालन मुश्किल काम होगा और उन्हें आगे भी भारी नुकसान उठाना पडेग़ा।
लॉकडाउन में अब तक प्रमुख उद्योगों के नुकसान का एक आंकलन
उद्योग--- नुकसान करोड़ रुपयों में (अनुमानित राशि)
- हैंडीक्राफ्ट उद्योग-- करीब 600 करोड़
- टेक्सटाइल उद्योग-- करीब 500 करोड़
- स्टील पाटा पट्टी उद्योग-- करीब 450 करोड़
- पत्थर उद्योग-- करीब 50 करोड़
- स्टील बर्तन उद्योग-- करीब 50 करोड़
- अन्य (एग्रो फूड, इंजीनियरिंग, ग्वारगम, पैकेजिंग, केमिकल)-- 400 करोड़
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