महिलाओं को रोडवेज बसों में नहीं मिल रही आरक्षित सीट, ‘पहले आओ पहले बैठो’ बना आधार

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ओम बडग़ुर्जर/जोधपुर. रोडवेज बसों में महिला यात्रियों के लिए आरक्षित सीटों पर पुरुष यात्रियों का कब्जा है। ऐसे में रोजाना सैकड़ों महिलाएं सीट नहीं मिलने की स्थिति में रोडवेज बसों में खड़े-खड़े यात्रा करने को मजबूर हैं। लेकिन, हकीकत यह है कि अधिकतर महिलाओं को जानकारी नहीं है कि उनके लिए रोडवेज बसों में सीटें आरक्षित भी रहती हैं जहां पुरुष यात्री नहीं बैठ सकते। इधर चालक-परिचालक भी पुरुष यात्रियों से उलझने से बचने के लिए उन्हें सीट से हटाने की कार्रवाई नहीं करते। ऐसे में कई बार यात्रा में महिला यात्रियों को परेशानी भरा सफर तय करना पड़ता है।

रोडवेज बसों में यात्रा के दौरान महिला यात्री को परेशानी न हो वह आरामदायक सफर कर सके इसको लेकर राज्य सरकार गंभीर है। हाल ही में रोडवेज प्रबंध निदेशक नवीन जैन ने आदेश निकाला। जिसमें रोडवेज बसों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर महिला प्रतीक स्टीकर लगाने एवं उन सीटों का रंग गहरा गुलाबी करने के आदेश राज्य के सभी डिपो प्रबंधकों को दिए हैं। ताकि महिलाओं को जानकारी हो सके कि यह सीटें उनके लिए आरक्षित है तथा वहां पुरुष यात्री नहीं बैठे। इसके बाद भी कोई पुरुष यात्री महिला सीट पर बैठता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित बस के चालक-परिचालक की रहेगी। शिकायत मिलने पर संबंधित कार्मिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह है रोडवेज बसों की हकीकत
पत्रिका टीम दोपहर को पावटा स्थित रोडवेज बस स्टेशन पहुंची तो फलौदी डिपो की बस संख्या आरजे-14 पीडी 4289 में चालक सीट के पीछे महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर दो पुरुष यात्री बैठे मिले। पूछने पर उन्होंने बताया कि पता नहीं हैं कि यह महिलाओं के लिए आरक्षित है। परिचालक बताते तो पीछे वाली सीट पर बैठे जाते। कुछ ऐसी ही स्थिति जोधपुर डिपो की बस आरजे-19, पीए-5628 व आरजे-23, पीए 6647 में देखने को मिली। जिनमें महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर पुरुष बैठे मिले। पूछने पर महिला यात्रियों ने भी बताया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि रोडवेज बसों में उनके लिए कौनसी सीटें आरक्षित रहती है।

यह सीटें महिलाओं के लिए रहती है आरक्षित
रोडवेज की साधारण एवं द्रुतगामी बस में सीट संख्या तीन से आठ (छह सीटें), मिडी बस में सीट संख्या एक से चार (चार सीटें), सुपर लग्जरी, एसी बस, एसी स्लीपर एवं सेमी डीलक्स बस में सीट संख्या नौ से 12 (चार सीटें) महिला यात्रियों के लिए आरक्षित रहती है जहां पुरुष यात्री नहीं बैठ सकते है।

आरक्षित सीट पर पुरुष बैठे हैं तो यहां करें शिकायत
रोडवेज मुख्यालय ने नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। दावा है कि जहां यात्रियों की शिकायतें 24 घंटे सुनी जाएगी तथा निस्तारण किया जाएगा। महिला यात्री सहित अन्य यात्री शिकायत होने पर 0141-2373044, मोबाइल 95494-56745, टोल फ्री नम्बर- 1800-2000-103 (पांच लाइनें) एवं वाट्सअप नम्बर 95494-56745 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है। इसके साथ ही ईमेल आईडी- मउबवउचसंपदजण्तेतजब/तंरेंजींदण्हवअण्पद पर भी भेज सकते है।

नहीं पता कौनसी सीट आरक्षित
किसी कार्य से जोधपुर आई थी, अब ओसियां जा रही हूं। बस में हमारे लिए कौन सी सीटें आरक्षित है यह जानकारी नहीं है। सीट मिलती है तो बैठ जाते है नहीं तो कई बार खड़े-खड़े भी यात्री करनी पड़ती है।
- गीतादेवी, यात्री

बेटी को चिकित्सक को दिखाने आई
जोधपुर बेटी को डॉक्टर को दिखाने आई थी। अब पीपाड़ जा रहीं हूं। मुझे नहीं पता कि बस में हमारे लिए कोई सीट भी आरक्षित रहती है। सीट पर स्टीकर आदि लगा हो तो पता चले।
- सरोजदवी, यात्री

ध्यान रखते है लेकिन यात्रियों से कौन उलझे
ध्यान रखते है कि महिलाओं की सीट पर महिला यात्री ही बैठे लेकिन कई बार स्थिति ऐसी होती है कि पुरुष यात्री को उठने के लिए कहते है लेकिन नहीं उठते। ऐसे में रोज-रोज उनसे उलझने कौन। भीड़ होने पर जो पहले आता है वह सीट पर बैठ जाता है।
- राजसिंट भाटी, परिचालक

मुझे नहीं हैं जानकारी
रोडवेज में अनुबंध पर लगा हुआ हूं, मुझे जानकारी नहीं है कि बस में महिलाओं के लिए कौनसी सीटें आरक्षित है। मुझे किसी ने इसको लेकर कहां भी नहीं है।
- महेन्द्र कुमार, परिचालक



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