जोधपुर. प्रदेश में कांग्रेस सरकार का एक साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। पहला साल हमारे शहर के लिए कई घोषणाएं लेकर आया। कुछ पुराने बॉक्स में निकली तो कुछ बिल्कुल नई थी। इनमें से अधिकांश को कागजों में उतारा जा चुका है। चुनावी साल में इन घोषणाओं में जितना काम हुआ वह संतोषप्रद तो है लेकिन जनता के ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर त्वरित राहत चाहती है। ऐसे में अब निगाहें उम्मीदों भरे दूसरे साल पर टिकी है।
इन समस्याओं का समाधान हो
1. यातायात समस्या : पहले साल में इसके समाधान के लिए एलिवेटेड रोड की घोषणा हुई। जोधपुर के महामंदिर सर्किल से लेकर आखलिया सर्किल तक 9 किलोमीटर यह सडक़ बनेगी। डीपीआर पर काम शुरू
आगे क्या - अगले साल में डीपीआर के बाद बजट का बड़ा हिस्सा इसके लिए मिले और काम धरातल पर शुरू हो।
2. जोजरी रिवर फ्रंट : साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर जोजरी रिवर फ्रंट विकसित करने की घोषणा हुई। जेडीए ने इसकी डीपीआर के लिए काम शुरू कर दिया है।
आगे क्या - इसके लिए दूसरी बार डीपीआर बन रही है। अब 2020 में इनका काम धरातल पर शुरू हो यह सबसे बड़ी उम्मीद है।
3. ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर : 765 केवी जीएसएस बनाने की घोषणा की गई है। जोधपुर के समीप जमीन भी चिह्नित की गई है।
आगे क्या - भड़ला के समीप ही ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर यानि कि सोलर पार्क का विस्तार होना चाहिए। इसी एनर्जी को पूरे प्रदेश में पहुंचाने के लिए 765 केवी जीएसएस का काम शुरू होना चाहिए।
4. चिकित्सा सुविधा : एमडीएम अस्पताल में 31 करोड़ रुपए की लागत से लीनियर एक्सेलेटर मशीन स्थापित करने को लेकर टैंडर हो चुका है। साढ़े सत्रह करोड़ रुपए की लागत से मल्टी लेवल आइसीयू के लिए भी टैंडर हो चुका है।
आगे क्या- एसोसिएटस प्रोफेसर के 82 पद खाली हैं। इसके अलावा असिस्टेंट प्रोफेसर के 55 पद खाली पड़े हैं। उधर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में करीब 550 डॉक्टर्स के पद स्वीकृत है और सवा सौ पद रिक्त हैं। इनको भरे जाने उम्मीद है।
5. बस स्टैंड विस्तार : राइकाबाग बस स्टैंड विस्तार के लिए पावटा सब्जी मंडी को भदवासिया शिफ्ट किया गया है। पावटा मंडी की जमीन रोडवेज ने अपने अधीन ले ली है।
आगे क्या - अगले वर्ष बस स्टैंड विस्तार का काम शुरू होना चाहिए। नए व पुराने परिसर को आपस में फुटओवरब्रिज में जोड़ा जाना चाहिए।
6. पेयजल - इंदिरा गांधी नजर का तीसरा चरण अभी तक कागजों में अटका है। अब दूसरी बार इसका प्रस्ताव तैयार हो रहा है।
आगे क्या - तीसरे चरण के लिए 14 सौ करोड़ की जरूरत है। इनमें से 300 करोड़ राज्य देगी। इस साल इसकी पहली किश्त की उम्मीद है। साथ ही नहर की ऊंचाई भी बढ़ाया जाना प्रस्तावित है।
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जिन दो प्रमुख वादों के साथ आई थी सरकार
1. बेरोजगारी भत्ता :
बेरोजगारी भत्ता योजना को संशोधित करते हुए मुख्यमंत्री युवा संबल योजना प्रारंभ की गई। इसमें पुरूष बेरोजगार आवेदनकर्ता को राशि 650 रुपए के स्थान पर 3 हजार प्रतिमाह एवं महिला व विशेष योग्यजन को 750 रुपए के स्थान पर 3500 रुपए प्रतिमाह की गई।
फैक्ट फाइल
पुरूष लाभार्थी - 4005
महिला लाभार्थी - 2622
कुल - 6627
कुल राशि - 8 करोड़ 21 लाख 99 हजार 542 का भुगतान
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2. किसानों की ऋण माफी
किसानों को कर्ज से मुक्ति तो नहीं मिली पर ब्याज मुक्त कर्ज में कटौती झेलनी पड़ गई। जिले में 30 नवम्बर 2018 को 3357.25 करोड़ के फ सली ऋ ण सहित 4266.91 करोड़ रुपयों का कृषि ऋ ण था। कुल ऋण में से 460.6 करोड़ का ऋण माफ हो पाया। इसके बाद भी किसानों पर 3800 करोड़ का ऋ ण बकाया रह गया।
ये भी चुनौतियां
- राष्ट्रीयकृत बैंकों के ऋ ण माफ होने की उम्मीद में किसान इन ऋ णों को चुकाने के प्रति आश्वस्त हो गए। ऐसे ऋ ण अवधिपार होने व ब्याज में मिलने वाले अनुदान से किसान वंचित हो गए।
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