जोधपुर. केंद्रीय आयुष मंत्रालय की ओर से एमडी/एमएस पाठ्यक्रम में अंतिम प्रवेश के लिए एक बार फिर से तिथि बढ़ाई गई है। प्रदेश में आयुष पीजी काउंसलिंग का आयोजन जोधपुर स्थित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन् राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय की ओर से किया जाएगा। काउंसलिंग 30 नवम्बर को होगी। इसके लिए रजिस्ट्रेशन शनिवार से शुरू होंगे जो 27 नवम्बर तक चलेंगे। प्रदेश में श्रीगंगानगर स्थित निजी क्षेत्र के टांटिया विवि में आयुर्वेद की 6 सीट और निजी क्षेत्र में ही होम्योपैथी की 92 सीट खाली है।
प्रदेश में केवल आयुर्वेद और होम्योपैथी विषय में ही पीजी यानी एमडी/एमए पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है। यूनानी और प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग में पीजी नहीं होती। पीजी की राज्य कोटे की कुल 279 सीटें हैं, जिसमें से आयुर्वेद की 170 और होम्योपैथी की 109 सीट है।
आयुष पीजी काउंसलिंग
- 170 आयुर्वेद सीट
- 109 होम्योपैथी सीट
- 279 सीट पर होती है एमडी/एमएस
- 98 सीटें खाली है आयुर्वेद व होम्योपैथी पाठ्यक्रम में
- 3 सरकारी कॉलेज में होती है आयुर्वेद में पीजी
- केवल निजी विवि व कॉलेज में ही होती है होम्योपैथी पीजी
- यूनानी व प्राकृतिक चिकित्सा में नहीं होती पीजी
सरकारी कॉलेज में आयुर्वेद पीजी की सीटें
- 45 सीट है एनआईए जयपुर में
- 38 सीट है एमएमएम आयुर्वेद कॉलेज उदयपुर में
- 60 सीट है आयुर्वेद विवि जोधपुर में
दो लाख से अधिक सालाना फीस है पीजी की
- 1.80 लाख रुपए लेता है आयुर्वेद विवि जोधपुर
- 85 हजार रुपए फीस है एनआईए जयपुर की
- 5 हजार रुपए फीस है एमएमएमए कॉलेज उदयपुर की
- 2 लाख रुपए से अधिक फीस है निजी कॉलेजों की
- 45 हजार रुपए से अधिक स्टाइपेंड मिलता है छात्रों को
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