ward on spot : नई बस्तियों में हरे हैं पुराने जख्म

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जोधपुर.

शहरी सरकार की चुनावी प्रक्रिया अब से कुछ ही दिनों में शुरू होगी। शहर का बाहरी क्षेत्र जिसे हम आउटर भी कहते हैं वहां सुकून की तलाश में बसे लोग अब तक पूरी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में बनी कॉलोनियों में अब भी वही पुरानी समस्याएं हैं। बात वार्ड संख्या 3 और 4 की करते हैं। चौड़ी सडक़ें, योजनाबद्ध तरीके से बसी हुई अधिकांश कॉलोनियां लेकिन विकास अभी पैर नहीं रख पाया है।
वार्ड संख्या तीन :::: उड़ती धूल सडक़ों की हकीकत बयां करती है

चौपासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के कुछ वार्ड और फिर जैसे-जैसे बाइपास सडक़ की ओर बढ़ते हैं। वहां की कई कॉलोनी वासी बदहाल सडक़ों से ही परेशान हैं। व्यापारियों से बात की तो कहते हैं हकीकत जाननी हो तो शाम के समय आना मिट्टी से नहा लोगे।
प्रमुख समस्याएं

- कई कॉलोनियों की सम्पर्क सडक़ें टूटी हुई हैं।
- पीएफ कार्यालय के सामने सडक़ सालों से बदहाल।

- डाली बाई मंदिर के सामने कई सालों से नाला साफ ही नहीं हुआ।
- सरकारी जमीन पर झोपड़ी बना कर अवैध बस्तियां कई सालों से यथावत है।

- जेडीए की प्रस्तावित कई सडक़ें अधूरी हैं।

- रोड लाइट भी कई सडक़ों पर बंद है।
- अपराध भी आउटर क्षेत्र में ज्यादा हैं।

क्या कहते हैं स्थानीय लोग

हम तो हमारे सामने की बताते हैं। सडक़ की बदहाली ऐसी है कि कोई देखने तक नहीं आता। व्यापारियों के लिए शौचालय व सुविधाएं नहीं है।
- कमलेश परिहार

सडक़ें ही सबसे बड़ी समस्या है। सफाई के लिए वाहन भी नियमित नहीं आते हैं।
- भूराराम कुमावत

क्या कहतीं हैं पार्षद

मेरे कार्यकाल में काफी काम हो गए हैं। कुछ जेडीए की रोड है, जो रह गई है, उसके लिए भी काफी प्रयास किए हैं।
- सीमा माथुर, पार्षद

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वार्ड संख्या 4 ::: भैरव नाला सबसे बड़ी समस्या
पाल रोड के दोनों तरफ फैला यह वार्ड सडक़, सीवरेज जैसी समस्याओं से तो त्रस्त है ही साथ ही यहां की सबसे बड़ी समस्या भैरव नाला भी है। इस बात को खुद पार्षद भी स्वीकारती हैं। स्थाई समाधान नहीं होने पर इस समस्या को कई लोग भुगत रहे हैं।

वार्ड की कुछ प्रमुख समस्याएं - 23 सेक्टर के समीप जो नाला है वह बंद है।

- 25 सेक्टर में 20 साल बाद अब रोड बनी है।
- खेमे का कुआं से शोभावतों की ढाणी मुख्य सडक़ दो वार्ड के बीच में होने के कारण कई सालों से रिपेयर नहीं हुई।

- भैरव नाले में कई सडक़ें आकर मिली है और सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त है।
- आगे जाकर यही नाला खेतों में फैल जाता है और कई कॉलोनियों के लिए परेशानी खड़ी करता है।

क्या कहते हैं स्थानीय लोग

कई कॉलोनियों में सीवरेज-सडक़ें पहुंची ही नहीं है। खेमे का कुआं से जो मुख्य सडक़ आती है इसकी मरम्मत हो जाए तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
- नरेश खत्री हमारे इस क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या यह नाला ही है। आगे कई कॉलोनियों में इस नाले का पानी भरा है। बारिश में तो हालात ज्यादा खराब हो जाते हैं।

- पिंटू गुनपाल
क्या कहती हैं पार्षद

जो काम शत-प्रतिशत होना चाहिए था वह नहीं हुआ है। कई कॉलोनियों में सीवरेज भी नहीं पहुंची है। ड्रेनेज की समस्या सबसे बड़ी है। भैरव नाला की समस्या कई सालों से बनी हुई है।

- राधा शुक्ला, पार्षद

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अब 3 व 4 नए वार्ड ऐसे

वार्ड संख्या - 3

जनसंख्या - 11545

क्षेत्र - चौपड़ भील बस्ती, नई भाकरीबास, मन्ना की बाडी, कुरैशी स्कूल, महाराणा प्रताप कॉलोनी, विजय कॉलोनी, भोजावतों का बास, कनावतों का बास, बिछला वास, गेंवा, बुंदीयाला बेरा, जय कॉलोनी, सूर्य कॉलोनी, गणेश कॉलोनी, पनवाडी बेरा, पुरानी भाकरीबास, कडूश्वर महादेव पहाड़ी क्षेत्र, रेडिया फांटा क्षेत्र, सिंधियों की गली, नाथी का बाग, रूपावतों का बाग, पुरानी रकासनी, नई रकासनी।

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वार्ड संख्या - 4

जनसंख्या 11073

क्षेत्र - ज्वाला विहार आंशिक भाग, पुराना सूथला, दाउ जी की पोल, ठाकुरजी मंदिर, फिरोज खां कॉलोनी, शिवनाथ नगर, शिक्षक कॉलोनी, प्रेमविहार, गुजराती कॉलोनी, तिलवाडिया फांटा, पठानकोट, हिंगलाज नगर।



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