ward on spot : कच्ची बस्तियों के दर्द पर इस बार भी नहीं लगा मरहम

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शहरी सरकार का कार्यकाल पूरा हो रहा है। शहर को व्यवस्थित रखने और विकास की दिशा में आगे ले जाने का पूरा दारोमदार निकाय बोर्ड का होता है। वार्ड की गलियों में कैसे हैं हालात। क्या है लोगों का मानस। यह जानने के लिए हमारी टीम ने वार्ड ऑन द स्पॉट शुरू किया। पहले दिन वार्ड संख्या एक और दो के हालात जानने पहुंचे। मौजूदा पार्षदों ने कैसा और कितना काम करवाया यह जानने के लिए उस क्षेत्र में जो हालात सामने आए वह कुछ ऐसे थे।

वार्ड संख्या : 1 :::: सडक़ें-सीवरेज अब मिल रही
नगर निगम के आधारभूत कार्यों में से एक सडक़, सीवरेज जैसी सुविधाएं ही जब किसी वार्ड में पूरी नहीं हो तो वहां विकास की क्या उम्मीद की जा सकती है। यह हालात है शहर की सीमा में घुसने पर पहले वार्ड का।

- सूरसागर बाइपास सडक़ के समीप बसी बस्तियों में किसी के पास पट्टा नहीं तो कहीं सडक़ें ही नहीं बनी।
- जिन कॉलोनियों में पट्टे है वहां सीवरेज व सडक़ जैसी सुविधाएं नहीं।

- कुछ कॉलोनियों में तो सडक़ें भी पहली बार बन रही है।
- पहाड़ी पर कब्जे यहां भी आम है।

- कई खाली भूखंडों में पानी भरा है, ऐसे में बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।
क्या कहते हैं मोहल्लेवासी

महाराणा प्रताप कॉलोनी में तो सडक़ें भी नहीं बनी। स्थानीय लोगों ने राशि एकत्रित कर यहां मुड डलवाई और रहने लगे। आस-पास की कॉलोनियों में सीवरेज लाइन तक नहीं है।

- दिलीप कच्छावा

- दिलीप कच्छावा हमारी दुकान के पीछे तो अभी सीवरेज लाइन डली है। सीसी रोड का काम तो अभी चल रहा है। सामने की ओर तो पट्टाशुदा मकान है लेकिन फिर भी सुविधाएं नहीं।

- रामगोपाल सोलंकी
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वार्ड संख्या 2 :: अधिकांश वोटर कच्ची बस्तियों के
इस वार्ड की अधिकांश आबादी कच्ची बस्तियों में बसती है। सडक़ों की बदहाली जैसे पूरे शहर में है वही हालात यहां भी है। लेकिन इसके अलावा इस क्षेत्र से गुजर रही उम्मेद सागर की नहर की बदहाली की चिंता भी यहां के बाशिंदों को बहुत सताती है।

- बदहाल है सडक़ों की स्थिति।
- उम्मेद सागर नहर हर बार टूट जाती है और मोहल्लेवासियों के लिए परेशानी का कारण बनती है।

- कच्ची बस्तियों को पट्टे की मांग।
- पहाड़ों पर मकान खतरे का निशान है।

क्या कहते हैं मोहल्लेवासी

हमारी तो वर्षों पुरानी मांग है कि हमें पटे दिए जाए। लेकिन कोई नहीं सुन रहा। अब तो उम्मीद ही नहीं रही।
- नारायणसिंह

सडक़ों की बदहाली तो हमारे क्षेत्र में बहुत पुरानी है। पेयजल समस्या भी हमारे क्षेत्र है। कम दबाव से पानी की समस्या का कोई समाधान नहीं।
- हुकमाराम

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क्या कहते हैं पार्षद

उम्मेद सागर की नहर की बजाय पाइप लाइन डल जाए और पटटों की समस्या ही प्रमुख है। इसके अलावा मेरे कार्यकाल में कई काम हुए हैं।
- कमला कावडिया संख्या 2



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