जोधपुर. हायर एजुकेशन हब सिटी जोधपुर के कॉलेजेज के स्टूडेंट्स स्टडी के फील्ड में तो खूब मेहनत कर आगे बढ़ ही रहे हैं, वे आर्ट एंड कल्चर और स्पोट्र्स एक्टिविटीज में भी पार्टिसिपेट कर अपने हुनर के जौहर दिखा रहे हैं। ब्लूसिटी के एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टूडेंट्स जोधपुर ही नहीं, दूसरे शहरों में भी अपनी काबिलियत साबित कर सनसिटी का नाम रोशन कर रहे हैं। आम तौर पर आट्र्स के स्टूडेंट्स ही एक्टिविटीज में पार्टिसिपेट करते हैं, मगर ब्लूसिटी में तो टेक्नीक की दुनिया में भी क्रिएटिविटी की धूम मच रही है। इस काम में उनके सीनियर्स और गुरु भी उनका पूरा-पूरा साथ दे रहे हैं। नेशनल क्रिएटिविटी डे के मौके पर पत्रिका ने ऐसे ही कुछ क्रिएटिव कॉलेजाइट्स से बात की।
एक अच्छा श्रोता ही एक अच्छा वक्ता
आइआइटी जोधपुर में हुए मन कॉन्फ्रें स और जेईसीआरसी जयपुर में आयोजित मन (मॉडल यूनाइटेड नेशन) कॉन्फ्रें स में हाई रिकमण्डेशन का अवॉर्ड प्राप्त किया। मैंने शुरुआती तीन प्रयासों में सुनने और कार्यशैली पर ध्यान दिया। इसके बाद चौथे और पांचवें प्रयास में अपने वाक् कौशल का प्रयोग करते हुए यह सक्सैस हासिल की। जयपुर में हुई (मॉडल यूनाइटेड नेशन) कॉन्फ्रेंस मेें कई कॉलेजेज ने पार्टिसिपेट किया, जिसमें द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसे प्राप्त करने के पीछे उनका मूल मंत्र यही रहा है कि ‘एक अच्छा श्रोता ही एक अच्छा वक्ता होता है।’
-नितीश जोशी कििॉर्डनेटर, डिबेट क्लब, सैकण्ड इयर,इन्फ ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ब्रांच, इंजीनियरिंग कॉलेज, जोधपुर
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सीनियर्स के साथ से बैडमिंटन में गोल्ड मैडल
मेरी खेल की शुरुआत सबसे पहले आइआइटी रुडक़ी के वार्षिक खेल उत्सव ‘संग्राम’ से हुई। मैंने और मेरी टीम ने इस प्रतियोगिता में सेमीफ ाइनल तक दस्तक दी। इस सफ लता ने मुझे बचे हुए तीन वर्ष में स्वर्णपदक प्राप्त करने की चिंगारी जलाई। इसके बाद हमने आइआइटी बीएचयू खेल उत्सव ‘स्पर्धा ’ में भाग लिया और महिला बैडमिंटन में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके साथ-साथ आइआइटी जोधपुर में आयोजित मन (मॉडल यूनाइटेड नेशन) कॉन्फ्रेंस में अपने वाक् कौशल से स्पेशल मेन्शन का अवॉर्ड प्राप्त किया। मेरी इन सफ लता का श्रेय अपने क्लब और सहपाठियों को देती हूं। अपनी इन उपलब्धियों के लिए डिबेटिंग क्लब का आभारी मानती हूं।
-तवी राठी, थर्ड ईयर, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज, जोधपुर
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गुरु से सीखे रंगकर्म के गुर
एक दिन मैंने डॉ. विकास कपूर निर्देशित नाटक ‘पक्षी और दीमक ’ का रियाज देखा और उनके साथ नाटक में कार्य करने की इच्छा जताई। इस प्रकार मुझे नाटक ‘पक्षी और दीमक’ में काम करने का पहला अवसर मिला। गत वर्ष किताबो फेस्ट में ‘पक्षी और दीमक’ में मैंने प्रस्तुति दी। वहीं इप्टा (इंडियन पीपुल थियटर एसोसिएशन) पटना में मंचित नाटक ‘सवा सेर गेहूं’ में ग्रामीण महिला की भूमिका निभाई और जोधपुर में ‘जी जैसी आपकी मर्जी’ व फ रवरी 2019 में इप्टा अलवर व इप्टा जयपुर में ‘गरम कोट’ नाटक में कर्मचारी की भूमिका निभाई थी। मैंने रंगमंच के बहुत अच्छे अनुभव लिए और बहुत कुछ सीखा है। अपने गुरु से हर दिन कुछ नया सीखती हूं और आगे भी सीखती रहूंगी।
-चंचल चौधरी, थर्ड ईयर, प्रोडक्शन एंड इण्डस्ट्रियल ब्रांच, एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज, जोधपुर
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मोटिवेशन से स्पोट्र्स और थिएटर में आगे बढ़ा
मेरे सीनियर्स ने मुझे स्पोट्र्स और थिएटर में आगे बढऩे के लिए मोटिवेट किया तो मैं आगे बढ़ता गया। मैंने कॉलेज में आते ही बॉस्केटबॉल खेलना शुरू कर दिया था। यही वजह रही कि मैं लगातार दो साल से जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय बॉस्केटबॉल टीम का सदस्य बना। मैंने सन 2017 में उदयपुर और 2018 में महाराष्ट्र में राष्ट्रीय अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता में भाग लिया। वहीं एमएनआईटी स्पोट्र्स फेस्टिवल में 2018 में सिल्वर व 2019 में गोल्ड मैडल जीता। इसके अलावा आइआइटी रुडक़ी और आइआइटी दिल्ली के स्पोट्र्स फेस्ट में भाग लिया। रंगकर्म में भी आगे बढ़ रहा हूं।
-विकास साफ ी, थर्ड ईयर, प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल ब्रांचएमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज, जोधपुर
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