जोधपुर. चुनाव आते ही राजनीति के बाजार में जाति, धर्म व बयान आधारित राजनीति का दौर शुरु हो जाता है। हर बार किसान, युवाओं, रोजगार व विकास के नाम पर पार्टियों की ओर से वोट तो बटोर लिए जाते हैं, लेकिन जीतने के बाद नेताओं की ओर से आमजन की समस्याओं की कोई सुध नहीं ली जाती है। इस बार भी मुद्दों के बजाय नेताओं की ओर से आमजन को गुमराह किया जा रहा है, लेकिन अब आमजन ऐसे नेताओं के झांसे में नहीं आने वाला है। यह विचार पत्रिका की ओर से आयोजित इलेक्शन टॉक में रातानाड़ा क्षेत्र में युवाओं ने रखे। चर्चा में शामिल हुए भाकरराम विश्नोई का कहना था कि नेताओं की ओर से अपना हित ही साधा जा रहा है। आमजन की समस्याओं को कोई प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। इस बार के चुनावों में आमजन का हितेषी उम्मीदवार को ही समर्थन किया जाएगा। रामनारायण जाजड़ा ने कहा कि जाति-धर्म की राजनीति से समाज को बांटने का कार्य किया है। इस बार उनका मुद्दा जातिगत राजनीति से उपर उठकर कार्य करने वाले जनप्रतिनिधि को समर्थन का रहेगा।
्विकास कार्यों में न हो भेदभाव
चर्चा में युवा ललित गहलोत ने कहा कि नेताओं की ओर से आमजन से जुड़े विकास कार्यों में भी भेदभाव किया जाता है। द्वेष भावना की राजनीति का नुकसान आमजन को भुगतना पड़ रहा है। इस बार ऐसे उम्मीदवार का बहिष्कार किया जाएगा। हुक्माराम सारण ने शिक्षा के स्तर में सुधार की बात कही। रामविश्नोई ने चिकित्सा क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार, रणवीरसिंह गहलोत ने युवाओं को रोजगार, दीनदयाल बरवल ने किसान हित, फसल मुआवजा को मुख्य मुद्दा बताया। इंद्रजीत बाबल, बलवीर बडिय़ासर ने यातायात व्यवस्था में सुधार व शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की बात करने वाले नेता का समर्थन करने की बात कही। सन्नी नैण ने आमजन से जुड़े हुए व्यक्ति को ही नेता बनाया जाना चाहिए की बात कही।
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