अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. खान-पान के लिए मशहूर सूर्यनगरी के लोग हर रोज 10 से 15 लाख रुपए की पैन किलर व एंटीबायोटिक दवाइयां गटक जाते हैं। इसका बुरा असर यह है कि जिले में हर रोज किडनी खराब होने के करीब 100 मरीज सामने आ रहे हैं। जिसमें 60 को चिकित्सक डायलिसिस कराने की सलाह दे देते हैं। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (जोधपुर एम्स) और डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध मथुरादास माथुर अस्पताल में साप्ताहिक आउटडोर में 500 किडनी रोगी आते हैं। इसके अलावा प्रतिदिन 25 रोगी इमरजेंसी सेवाओं के जरिए पहुंचते हैं। दोनों ही अस्पतालों मे 25 हजार से अधिक किडनी रोगी हर साल सामने आ रहे हैं।
रोज दोनों ही अस्पतालों की 38 डायलिसिस मशीनें 60 रोगियों को डायलिसिस पर लेती हैं। महात्मा गांधी अस्पताल और मथुरादास माथुर अस्पताल में कुल 27 डायलिसिस मशीनें हंै। एमडीएम अस्पताल में सप्ताह में दो दिन आउटडोर में प्रतिदिन लगभग 375 मरीज परामर्श लेने आते हैं। वहीं एम्स में 8 डायलिसिस मशीन हैं। इसी प्रकार एम्स में सप्ताह में तीन दिन आउटडोर रहता है। इसमें हर रोज 50-60 मरीज प्रति आउटडोर परामर्श लेने आते हैं। हर ओपीडी में दस से पन्द्रह मरीजों को डायलिसिस पर लिया जाता है।
क्यों होती हैं किडनी की बीमारियां?
किडनी खराब होने के वैसे अनेक कारण हैं। विशेषकर किडनी की बीमारी के लिए दूषित खान-पान और वातावरण को मुख्य कारण माना जाता है। दूषित मांस, मछली,अंडा, फ ल और भोजन व गंदे पानी के सेवन से गुर्दे खराब होते हैं। ये बीमारी हमारे मारवाड़ में किडनी स्टोन, पानी की कमी व डायबिटीज की वजह से होती है। बता दें कि डायबिटीज के मरीजों को किडनी संबंधी रोग होने का सर्वाधिक खतरा रहता है।
फैक्ट फाइल
- एम्स और डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के एमडीएम अस्पताल में हर साल 25 हजार से अधिक आते हैं किडनी रोगी
- दोनों ही जगह पर 35 डायलिसिस मशीन और 60 मरीज हर रोज कराते हैं डायलिसिस
- किडनी खराब होने का बड़ा कारण किडनी में स्टोन, डायबिटीज व बीपी के अलावा ज्यादा एंटीबायोटिक व पैन किलर का सेवन है
मैंने दस साल से नहीं खाई एंटीबायोटिक
मिलावटी खान-पान व पथरी का ढंग से इलाज नहीं कराने वाले लोगों में किडनी खराब होने की आशंका ज्यादा रहती है। जोधपुर व बीकानेर संभाग में डायबिटिक मरीजों में किडनी की समस्या होना बड़ा कारण नहीं है। एंटीबायोटिक व पैन किलर का अत्यधिक सेवन करना भी किडनी के लिए घातक है। वैसे मुझे दस साल हो गए, कोई एंटीबायोटिक नहीं ली। मैं अपने बच्चे को भी नहीं देता। आवश्यकतानुसार ही दवाइयां लें।
- सुरेन्द्र सिंह राठौड़, सहायक आचार्य, नेफ्रोलोजी विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज
डायबिटीज व ब्लड प्रेशर से बचे
किडनी खराब होने की बड़ी वजह डायबिटीज व ब्लड प्रेशर है। इन बीमारियों से बचना चाहिए। उसके बाद किडनी स्टोन है। फिर किडनी की आनुवांशिकता की बीमारी भी है। ज्यादा एंटीबायोटिक व दर्द निवारक गोलियां खाना भी किडनी के लिए खराब है। एम्स में भी हर रोज 10 मरीज किडनी संबंधी बीमारी के सामने आते हैं।
- डॉ. नितिन कुमार वाजेपयी, सहायक आचार्य, नेफ्रोलोजी विभाग,एम्स
एक सफल किडनी ट्रांसप्लांट
एमडीएम अस्पताल में एक किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है। तीन-चार मरीज वेटिंग में है। जब किसी मरीज की दोनों किडनी पूरी तरह से फेल हो जाती है, तब डायलिसिस के अलावा कोई चारा नहीं रहता। उस समय किडनी ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है। सबसे पहले उन्हें यूरोलॉजी व नेफ्रोलॉजी की जांच करवाना चाहिए। 60 साल की कम आयु के रिश्तेदार से स्वस्थ किडनी ली जाती है।
- प्रदीप कुमार शर्मा, सहआचार्य, यूरोलॉजी विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज
15 लाख की पेन किलर व एंटीबायोटिक की बिक्री
जोधपुर में हर रोज करीब 15 लाख रुपए तक की पैन किलर व एंटीबायोटिक दवाइयां बिक जाती हैं। इसके अलावा नि:शुल्क दवा काउंटर से सेवन करने वालों की संख्या अलग हंै।
- ओपी खंडेलवाल, अध्यक्ष, जोधपुर केमिस्ट एसोसिएशन
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