जल है अनमोल : अब बदल जाएगा पानी की योजनाओं में औसत उपभोग का फॉर्मूला!

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अविनाश केवलिया/जोधपुर. पूरे प्रदेश में राज्य सरकार की हाल ही में पानी को लेकर की गई घोषणा चर्चा में है। 15 हजार लीटर शहरी उपभोग वालों का भार हल्का किया गया है। वर्तमान में आधे से ज्यादा घरों में पानी के मीटर खराब हैं। दावा है कि सरकार दो साल में सभी बंद मीटर बदल देगी। सरकार की घोषणा और योजनाओं में पानी के औसत उपभोग में फर्क है।


दरअसल, शहरी जल प्रदाय योजनाएं जब बनाई जाती हैं तो उसमें 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन पानी का उपभोग माना जाता है। इस लिहाज से एक व्यक्ति एक माह में करीब 4050 लीटर पानी का उपभोग करता है। एक परिवार में चार सदस्य होने पर यह उपभोग 16 हजार लीटर प्रति माह तक जाता है। जबकि दूसरी ओर सरकार 15 हजार लीटर एक परिवार के कनेक्शन तक वाटर चार्जेज व अन्य शुल्क माफ करने के आदेश जारी कर चुकी है। ऐसे में सरकार जो योजनाओं का औसत 16 हजार लीटर एक परिवार का उपभोग मान रही है उसे घटाकर 15 हजार तक करने की मंशा नजर आ रही है।

पांच हजार लीटर पानी बचाना चाहती है सरकार
सरकार का दावा है कि प्रदेश में इस व्यवस्था के जरिए जनता से 161 करोड़ कम लिए जाएंगे। लेकिन इसके जरिए सरकार औसतन 5 हजार लीटर पानी का उपभोग बचाना चाहती है। अभी जोधपुर शहर में अधिकांश घरों में 18 से 22 हजार लीटर के बीच औसत मान कर पानी के बिल दिए जा रहे हैं। ऐसे में सरकार चाहती है कि आम परिवार पानी का उपभोग 15 हजार लीटर से कम कर लें।

खुद ने लगाया मीटर तो 44 रुपए की होगी बचत
दो साल में पानी के मीटर बदलने के दावे भी इस घोषणा में किए गए हैं। लेकिन खास बात यह है कि यदि सरकार ने आपके घरों के मीटर बदले तो दो माह में जो बिल आएगा उसमें 44 रुपए शुल्क वसूला जाएगा। जबकि यदि आपने खुद ने यह मीटर लगवाया तो यह राशि नहीं ली जाएगी। अभी जितने भी नए कनेक्शन दिए जा रहे हैं कि उनमें उपभोक्ता खुद ही अपने घर पर मीटर लगाता है।

मीटर खराब व रीडर का अभी कोई समाधान नहीं
राजस्थान पत्रिका ने अपने पाठकों को पहले ही बता दिया था कि जोधपुर ही नहीं प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में औसतन करीब 50 प्रतिशत पानी के मीटर खराब है। सरकार यदि मीटर लगाने का काम कर भी देती है तो इनकी रीडिंग लेने के लिए कर्मचारी ही नहीं है। मीटर रीडर व निरीक्षक के पद पर 1985 के बाद से भर्तियां ही नहीं हुई है।

फैक्ट फाइल

- 16 हजार लीटर पानी लेने पर यों लगेगा चार्ज
- 16 हजार लीटर पानी खर्च होने पर शुल्क देना होगा (सरकारी घोषणा से अधिक)
- 4.84 रुपए प्रति एक हजार लीटर वाटर चार्जेज
- ऐसे में 16 हजार लीटर का करीब 155 रुपए वाटर चार्जेज प्रति दो माह के बिल में
- 27.50 रुपए फिक्स चार्ज
- करीब 51 रुपए सीवरेज शुल्क (33 प्रतिशत)
- करीब 38 रुपए ढांचागत विकास शुल्क
- 22 रुपए मीटर चार्ज
- करीब 293 रुपए प्रति दो माह का बिल होगा

(16 हजार लीटर से अधिक उपभोग होने पर बिल की दरें अलग होंगी)

इनका कहना है

सरकारी मानक योजनाओं के हिसाब से अलग है। अभी नई घोषणा के लिहाज से कितना फर्क पड़ेगा उसका आकलन अप्रेल में होगा। अभी विभाग तो पूर्ण रूप से राजस्व लक्ष्य पूरा करने में जुटा है।
- जयसिंह चौधरी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जोधपुर



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