मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के चौथे चरण पर संकट

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जोधपुर.

बरसात के पानी की एक-एक बूंद सहेजकर गांवों को जल आत्मनिर्भर बनाने के लिए तत्कालीन सरकार ने जनवरी 201६ में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान शुरू की थी। लेकिन तीन चरणों के काम तो हो गए, लेकिन तत्कालीन सरकार के जाते-जाते चौथे चरण के काम अटक गए। प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही योजना के अन्तर्गत चतुर्थ चरण के प्रस्तावित कार्यों पर भी तलवार लटक गई है। अकेले जोधपुर जिले में 41 ग्राम पंचायतों के 101 गांव के 1446 के प्रस्तावित कार्य अटक गए हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री जलस्वालम्बन अभियान के अन्तर्गत जोधपुर जिले में 9 राजकीय विभागों सामाजिक धार्मिक समूहों एवं आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की गई। अभियान में बनी जल सरंचनाओं से लम्बे समय के लिए पानी एकत्र हुआ और कई गांव जल आत्मनिर्भर भी बने।

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आचार संहिता में अटके, अब फिर संकट-

-तत्कालीन सरकार के समय मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत प्रदेश में प्रथम, द्वितीय, तृतीय चरण के काम तो पूरे हो गए। लेकिन चतुर्थ चरण के कार्य शुरू होने से पहले प्रदेश मेंं विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई। और इसके बाद प्रदेश में सरकार ही बदल गई। ऐसे में चतुर्थ चरण के प्रस्तावित कार्य भी आगे नहीं बढ़े हैं। अब पंचायतराज विभाग अधिकारियों को भी आशंका सता रही है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो गई तो कार्य और अधिक समय तक अटक जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार राज्य सरकार की ओर से योजना को आगे बढ़ाने के लिए निर्देश नहीं मिले हैं। निर्देश मिलने पर ही आगे का प्रोसेस शुरू किया जाएगा।

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जोधपुर जिला : चरणों के काम एक नजर-
चरण - शुभारम्भ ------------------------ग्राम पंचायत --------- कार्य पूर्ण
प्रथम- 27 जनवरी 2016 ---------------28 - -------------------3413
द्वितीय- 9 दिसम्बर 2016 --------------36 - -------------5267
तृतीय- 9 दिसम्बर 2017 -------------46 -------------- 7535
चतुर्थ- -------------1446 प्रस्तावित, लेकिन अनुमोदन में अटके



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