अच्छी खबर : टीबी अस्पताल में लगी जीवाणुरोधी अल्ट्रा वायलेट तकनीक

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर.
टीबी के संक्रमण से निपटने के लिए जोधपुर के टीबी अस्पताल में भी अल्ट्रा वायलेट तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। अमरीका में इस तकनीक पर लम्बे समय से काम हो रहा है और दिल्ली, मुम्बई में भी इस तरह का प्रयोग शुरू हो चुका है।
जोधपुर के कमला नेहरू टीबी हॉस्पिटल के वार्डों को टीबी के जीवाणुओं से मुक्त रखने और संक्रमण रोकने वाली अल्ट्रा वायलेट तकनीक के उपकरण स्थापित कर दिए गए हैं। दिल्ली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ट्यूबरकॉलसिस और मुम्बई के श्रेयान हॉस्पिटल के बाद राजस्थान का जोधपुर ऐसा शहर है, जहां इस तकनीक को प्रायोगिक तौर पर इस्तेमाल किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तकनीक के बढऩे से टीबी मुक्त भारत मिशन को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है।


गौरतलब है कि जोधपुर में आयोजित दो दिवसीय टीबी मुक्त भारत मिशन-2025 की राष्ट्रीय स्तर की कांफ्रेंस में न्यूयार्क के विशेषज्ञ बिल पलमेर ने इस तकनीक का प्रदर्शन करने के बाद इसको जोधपुर में प्रायोगिक तौर पर लगाने की सहमति दी थी। पलमेर ने सोमवार को इस तकनीक के उपकरण टीबी अस्पताल में भेंट के तौर पर स्थापित कर दिए। फिलहाल इस तकनीक के उपकरण अस्पताल के एक वार्ड में लगाए गए हैं।


ऐसे काम करेगी तकनीक-तकनीक के उपकरण से वार्ड की ऊपरी सतह पर अल्ट्रा वायलेट किरणें निकलेंगी। यह किरणें वार्ड में मौजूद टीबी के जीवाणुओं को नष्ट करेगी। गर्म हवा ऊपर की सतह पर आते इस लाइट के के दायरे में आएगी और इसमें मौजूद जीवाणु खत्म हो जाएगा। यह प्रोसेस लगातार जारी रहेगा। एयरकंडीशन मशीन जैसा उपकरण लगातार अल्ट्रा वायलेट प्रकाश प्रवाहित करता रहेगा और टीबी के जीवाणु नष्ट होते रहेंगे।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2Vi4nrl
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment