जोधपुर.
शहर में विकास कार्यों की कमान संभालने वाले दो निकायों की कार्यप्रणाली भी अलग-अलग है। टैंडर प्रक्रिया के बाद कार्यादेश जारी होने पर भी काम शुरू नहीं करने के दोनों निकायों जेडीए व नगर निगम के अलग-अलग मायने हैं। एक ओर जहां ठेकेदार पर कार्रवाई प्रस्तावित की गई है तो दूसरी ओर ठेकेदार को खुद ही काम करने से रोका जा रहा है।
निगम में कार्यादेश के बाद ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी
शहर के वार्ड नंबर 2 में श्मशान के बाहर की रोड के निर्माण कार्य शुरू नहीं करने पर संबंधित संवेदक फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। महापौर घनश्याम ओझा ने बताया कि वार्ड नंबर 2 में श्मशान के बाहर रोड बनाने के लिए अक्टूबर 2018 में मैसर्स मानसी कंस्ट्रक्शन को कार्यादेश जारी किया गया था। आदेश जारी करने के 4 महीने बाद भी संवेदक की ओर से कार्य शुरू नहीं किया गया है। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद भी संवेदक फर्म की ओर से निर्माण कार्य शुरू नहीं करने पर फर्म को किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं करने और ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
जेडीए में कार्यादेश के बाद खुद अधिकारी रोक रहे काम
शहर के हेरिटेज पथ व अन्य कार्यों के वर्क ऑर्डर जो कि चुनाव से पहले ही जारी कर दिए गए थे उनके काम शुरू नहीं करने के लिए खुद जेडीए के अधिकारी ही निर्देश दे रहे हैं। राजस्थान पत्रिका की पहल पर आमजन की आवाज बन चुके हेरिटेज पथ अभियान में प्रशासन की हठधर्मिता सामने आ रही है। इस कार्य से संबंधित ठेकेदार ने बताया कि कार्य शुरू करने की स्वीकृति के लिए वह खुद तीन बार पत्राचार कर चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो रही।
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