जोधपुर।
पश्चिमी विक्षोभ से बर्फ बारी व प्रदेश में मावठ से रबी फ सल की बढ़ी चमक से किसानों के चहरे खिले हुए है। रबी सीजन में मानसून की बरसात कम होने से सेवज (नमी) बुवाई घटने के बावजूद जिले में 3 हजार से अधिक कृषि कनेक्शन शुरू होने से बढ़े सिंचित क्षेत्र के कारण गत वर्ष के बराबर बुवाई हुई है। सर्दी बढऩे के साथ ही मावठ फ सलों के लिए वरदान साबित हो रही है। जिले में करीब 4 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बोई फ सलों से अच्छे उत्पादन की उम्मीद है, विशेषकर जिले में सरसों व जीरे की बम्पर बुवाई हुई है।
--
तापमान 3 डिग्री तक जाने की आशंका, पाले का खतरा भी
किसानों के लिए रबी सीजन की फ सलों के दौरान सर्दी का बढऩा जहां फ ायदेमंद साबित हो रहा है वहीं ज्यादा तापमान गिरने से आगामी 5 दिनो में पाला गिरने की भी आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार 31 जनवरी व 1 फ रवरी को तापमान 3 डिग्री तक आ सकता है। ऐसे में हवा रूकने से पानी के जमाव बिंदु पर होने से फ सलों को नुकसान पहुंच सकता है हालांकि सावधानी बरतते हुए कुछ उपाय करने से पाले से होने वाले नुकसान से फ सलों को काफ ी हद तक बचाया जा सकता है।
---
रबी 2018-19 बुवाई रकबा लाख हैक्टेयर में
फसल --- बुवाई रकबा
गेहंू -- 0.70
सरसों -- 1.00
जीरा -- 1.55
इसबगोल --- 0.15
चना --- 0.20
मेथी -- 0.10
धनिया -- 0.05
अन्य -- 0.27
-------------------------
कुल - 4.02
------------------------
पाले के असर से फसल के बचाव के लिए क्यारी विधि से फसलों को पानी देना चाहिए। साथ ही, सल्फ्यूरिक एसिड का स्पे्र करना चाहिए।
डॉ एमएम महरिया, वैज्ञानिक
कृषि विश्वविद्यालय
पूरे प्रदेश में शीतलहर चल रही है। आगामी दो-तीन दिनों में तेज सर्दी पडऩे और तापमान नीचे रहने की आशंका है।अमरसिंह राठौड़
मौसम वैज्ञानिक वजोधपुर इंचार्च
सरसों व जीरे के अच्छे उत्पादन की उम्मीद है लेकिन ज्यादा तापमान गिरा तो फ सलों को नुकसान भी हो सकता है । पाले की आशंका के मद्देनजर कृषि सिंचाई के लिए अतिरिक्त विद्युत सप्लाई मिले तो फ सलों को पाले से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।
तुलछाराम सिंवर आंदोलन प्रमुख,
भारतीय किसान संघ, जोधपुर प्रांत
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2CSCIpa
0 comments:
Post a Comment