जोधपुर.
संभाग के सबसे बड़े मथुरादास माथुर अस्पताल में स्वच्छता की अनूठी मुहिम चलाई जा रही है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की तर्ज पर दो माह से एमडीएम अस्पताल में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा हैं। अस्पताल के गलियारे, वार्ड, ओपीडी सहित सभी जगह गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के बाद अस्पताल के गलियारे, खुला परिसर, उद्यान, वार्ड साफ-सुथरे नजर आने लगे हैं।
बीते दो माह में अस्पताल प्रशासन की ओर से 18 हजार लोगों को गंदगी फैलाते पकड़ते हुए अब तक सवा दो लाख का जुर्माना वसूला गया है। जुर्माना की सख्त कार्रवाई के चलते न केवल सफाई ठेकेदार बल्कि यहां आने वाले लोग भी सतर्कता बरतने लगे हैं। अस्पताल में प्रवेश द्वार से ही लोगों की तलाशी के बाद अंदर प्रवेश कराया जा रहा है। बीड़ी-सिगरेट या पान मसाला मिलने पर कचरे के डिब्बे में डलवाए जा रहे हैं।
अस्पताल उप अधीक्षक डॉ. अरूण शर्मा ने बताया कि अस्पताल को साफ सुथरा रखने एवं प्रभावी निगरानी के लिए होमगार्ड व सुरक्षाकर्मियों की 200 लोगों की की टीम को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। यह टीम चौबीस घंटे गंदगी फैलाने वालों पर विशेष निगरानी रखती है। गौरतलब है कि अस्पतालों में गंदगी रहने को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से गत दिनों सिलसिले वार शृंखलाबद्ध समाचार प्रकाशित किए थे। खबरों के प्रकाशन के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और अस्पताल में स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रयास शुरू किए।
पहले अपनों को ही सुधारा-
अस्पताल में गंदगी फैलाने की कार्रवाई की शुरूआत अस्पताल कर्मियों से ही की गई। कर्मचारियों व होमगार्ड के ड्यूटी पर आते ही तलाशी ली गई। पान-मसाला खाते व थूकते पाए जाने पर उनसे जुर्माना वसूला गया। गौरतलब है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से अस्पताल परिसर में गंदगी फैलाने, प्लास्टिक का प्रयोग करने एवं खुले में पैशाब करते पाए जाने वाले लोगों से पर अधिकतम 200 रुपए का जुर्माना वसूला जा रहा है।
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