फलोदी (जोधपुर) . अम्बेडकर सर्किल के निकट स्थित रेलवे फाटक एलसी-58 दिन-भर में बार-बार बंद होने से यातायात बाधित रहने से निजात दिलाने के लिए निर्माणाधीन आरयूबी शहरवासियों के लिए अब तक सपना ही है।
राजस्थान राज्य सडक़ विकास निगम के अन्तर्गत शहर के अम्बेडकर सर्किल के निकट एलसी-58 रेलवे क्रॉस पर चल रहे रेलवे अण्डर ब्रिज निर्माण में रेलवे की शटडाऊन की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण अण्डरब्रिज निर्माण अधरझूल में है। यहां आरयूबी निर्माण के लिए रिटेनिंग वॉल व ब्लॉक्स का कार्य पूरा होने के बाद खुदाई के लिए रेलवे की स्वीकृति मिलने पर पटरियों के नीचे
गार्डर लगाने का कार्य होगा।
ऐसे में 2016 जून में शुरू हुआ अण्डर ब्रिज निर्माण कार्य ढाई साल बाद भी अधूरा ही पड़ा है। वर्तमान में मौके पर रिटेनिंग वॉल के आस-पास गर्डर बनाकर रखे हुए हंै और शेष निर्माण कार्य ठप है।
सीआरए स्वीकृति का है इंतजार
यहां आरयूबी निर्माण के दौरान पटरियों के नीचे खुदाई होगी। इसके लिए यहां रेल पटरियों के नीचे खुदाई कर गार्डर लगाने के लिए आरएसआरडीसी को करीब 10 घण्टे का रेलवे ब्लॉकेज चाहिए। सीआरए स्वीकृति के लिए आरएसआरडीसी लम्बे
समय से रेलवे के सम्पर्क में है। यहां ब्लॉकेज लेने से पूर्व रेलवे को मुख्यालय से इस रूट में आने वाली मालगाडिय़ों व यात्रीगाडिय़ों के आवागमन पर विचार-विमर्श के बाद मुख्यालय यहां ब्लॉकेज के लिए स्वीकृति देता है।
गौरतलब है कि इस रेलवे फाटक को बंद करने के लिए तो जिला कलक्टर द्वारापूर्व में ही स्वीकृति मिल गई थी, लेकिन यहां यातायात व्यवस्थाएं सुचारू रखने के लिए फाटक को बंद नहीं किया गया है।
डेढ़ साल की हो गई देरी
आरयूबी निर्माण का सफर शुरूआत से ही उलझनों से भरा रहा है। कभी तकनीकी खामियों को दूर करने, कभी रेलवे की एनओसी नहीं मिलने के चलते यहां निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो पाया था, फिर निर्माण शुरू हुआ तो पिछले लम्बे समय रेलवे ब्लॉकेज की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण यह काम अधूरा ही पड़ा है।
गौरतलब है आरयूबी निर्माण जून 2016 में शुरू हुआ था तथा आरएसआरडीसी द्वारा जनवरी 2017 तक निर्माण पूर्ण करने की समय सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन निर्माण में डेढ़ साल से अधिक समय की देरी बाद भी आरयूबी मूर्त रूप नहीं ले सका है।
रेलवे से सम्पर्क में है विभाग
एलसी-58 रेलवे क्रॉस पर आरयूबी निर्माण को लेकर ब्लॉकेज के लिए रेलवे से स्वीकृति को लेने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं तथा अधिकारी सम्पर्क में हंै। हाल ही में हुई बातचीत में फलोदी रेलवे सहायक अभियंता द्वारा रिपोर्ट भेजी गई है। उम्मीद है कि आगामी करीब 10-15 दिन में यह स्वीकृति मिल जाएगी।
योगेन्द्र शर्मा, निदेशक, आरएसआरडीसी, यूनिट-प्रथम, जोधपुर
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