बेतरतीब पार्र्किंग समस्या पर हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती, पूछा जब गांधी मैदान में पार्र्किंग बना दी तो वाहन सडक़ों पर क्यों?

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जोधपुर. शहर की यातायात व्यवस्था पर एक बार फिर हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस संगीत लोढ़ा व जस्टिस दिनेश मेहता की खंडपीठ में मंगलवार को समाजसेवी महेन्द्र लोढा की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की। गांधी मैदान पार्किंग का उपयोग नहीं होने पर हाईकोर्ट ने निर्देश जारी किए तो वहीं यातायात पुलिस व व्यापारियों ने बैठक कर अपने स्तर पर कई निर्णय किए।

 

शहर में ट्रैफिक, अतिक्रमण व पार्र्किंग की समस्याओं को लेकर हो रही सुनवाई के तहत हाइकोर्ट ने नगर निगम प्रशासन से पूछा जब गांधी मैदान में पार्किंग बना दी गई है तो वहां सडक़ों पर वाहन क्यों पार्क किए जा रहे हैं? ट्रैफिक पुलिस की सख्ती क्यों नहीं दिखती? इस पर याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस उस क्षेत्र के दुकानदारों को ऑब्लाइज करती है। इस पर खंडपीठ ने यातायात पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए लोगों से नियमों की पालना कराए जाने को कहा।

बैठक में यह बनी सहमति


सरदारपुरा बी रोड व्यापारी संगठन ने यातायात पुलिस अधिकारियों के साथ मंगलवार को बैठक की। अध्यक्ष राजेन्द्र सोनी ने बताया कि मीटिंग में दिवाली त्योहार तक सारे फोर व्हीलर वाहन सरदारपुरा पार्र्किंग में व टू व्हीलर वाहन फिलहाल एक लाइन रेखा में प्रतिष्ठान के बाहर रखने पर सहमति बनी। डीसीपी ट्रेफिक गगनदीप ने बताया कि कुछ समस्याएं हैं, जिनको मिलकर शॉर्ट आउट करेंगे। बैठक में एसीपी ट्रेफिक सुखविंदर पाल सिंह, राजेन्द्र, व्यापारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल जिंदल, केदार पंचारिया, सुनील अग्रवाल, तरुण, मनीष पुंगलिया सहित कई पदाधिकारीगण मौजूद थे।

महज 20-30 वाहन


पत्रिका टीम ने मंगलवार को हाईकोर्ट के निर्देश जारी होने के बाद सरदारपुरा स्थित गांधी मैदान पार्र्किंग का जायजा लिया। इस पार्र्किंग में करीब बीस-तीस वाहन ही नजर आए। दूसरी ओर सरदारपुरा बी व सी रोड पर सैकड़ों चौपहिया व दुपहिया वाहन नो पार्र्किंग जोन में खड़े नजर आए।

रिंगरोड विस्तार का मामला

रिंगरोड विस्तार के मामले में एएजी राजेश पंवार ने कोर्ट के समक्ष कहा कि नए हाईकोर्ट मार्ग पर अधिकांश अतिक्रमण हटा दिए गए हैं, कुछ सरकारी इमारतें हैं जिनको जल्द ही हटा दिया जाएगा। वन विभाग जमीन के लिए राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार को पूरा प्रोजेक्ट भेज दिया है। इस पर अधिवक्ता अशोक छंगाणी ने कहा कि पिछले वर्ष दिसम्बर में सरकार ने मार्च 2018 तक रिंग रोड विस्तार शुरू करने का शपथ पत्र पेश किया था। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। इस पर खंडपीठ ने अगली सुनवाई पर एनएचएआई से नया शपथ पत्र पेश करने को कहा है।

मल्टीलेवल पार्किंग को अंडरपास बनाकर जोडऩे के निर्देश


राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस संगीत लोढ़ा व जस्टिस दिनेश मेहता की खंडपीठ ने नरेश कुमार की जनहित याचिका में कहा कि प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग को अंडरपास बनाकर नई सडक़ से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि व्यक्ति कार पार्किंग कर सीधा नई सडक़ पर निकल सके। हाईकोर्ट ने यह मौखिक निर्देश कोर्ट में मौजूद जेडीए आयुक्त दुर्गेश बिस्सा को दिए हैं। इससे पहले एएजी पंवार ने स्वायत्त शासन विभाग की ओर से 22 अक्टूबर को जारी पत्र पेश कर बताया कि प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। मल्टीलेवल पार्र्किंग निर्माण की स्वीकृति दी गई। कंट्रोल रूम के नए भवन के निर्माण सहित पार्किंग के लिए दी जा रही जमीन की डेढ़ गुणा जमीन दिए जाने व निर्माण जारी रहने तक कंट्रोल रूम के लिए अस्थाई भवन की व्यवस्था करने पर सहमति हुई।

एक मामले में तो फॉलोअप करें

न्यायमित्र अनिल जोशी ने मल्टीस्टोरी बिल्डिग, अस्पताल व रेलवे स्टेशन के बाहर अतिक्रमण व पार्किंग समस्या का जिक्र किया तो एएजी पंवार ने कहा कि यह मामला सिर्फ कार बाजार तक सीमित था। लेकिन अब इसमें अतिक्रमण व पार्र्किंग का मुद्दा भी जोड़ रहे हैं। इस पर ख्ंाडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि आप एक मामले में ही सही ढंग से फॉलो कर दें तो अन्य मामलों में पालना रिपोर्ट संलग्न करना शेष रहेगी। इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।



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