देणोक (जोधपुर) . क्षेत्र के पल्ली ग्राम पंचायत के ब्राह्मणों के मोहल्ले में दस सालों से एक कोठरी में जंजीरों से बंधे दोनों भाई नथमल एवं बक्साराम ब्राह्मण नई जिन्दगी की शुरूआत करने घर से जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल ले जाया गया।
करीब दस वर्ष से लोहे की जंजीरों से बंधे मानसिक रोगियों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए राजस्थान पत्रिका के 9 अक्टूबर के अंक में 'दस सालों से जंजीरों मे जकड़े दो भाई` शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के हरकत में आए जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों की पहल पर सोमवार को दोनों भाइयों को जोधपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज करवाने के लिए ग्रामीण लेकर रवाना हुए। एम्स में चिकित्सकों ने उनकी प्राथमिक जांच कर मथुरादास माथुर अस्पताल रैफर कर दिया। ताकि वहां उनका बेहतर ढंग से इलाज हो सके।
चेहरों पर लौटी मुस्कुराहट
लोहे की बेडिय़ों से मुक्त होकर जैसे ही दोनों मानसिक रोगी भाई घर से बाहर निकले तो बाहर का नजारा देखते ही उनके चेहरे पर खुशी की लहर सी छा गई। वहीं दस साल बाद दोनों भाइयों को घर से बाहर एक साथ निकलते हुए देखा तो वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए।
करवाई सेविंग एवं हेयर कटिंग
जोधपुर अस्पताल में पहुंचने से पूर्व मानसिक रोगी दोनों भाइयों की ग्रामीणों ने पहले सेविंग एवं हैयर कटिंग करवाई और उसके बाद उन्हें खाने पीने की सामग्री दिलवाई। इससे वे काफी खुश नजर आ रहे थे।
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