पकड़े गए भूपेंद्र के अपहरणकर्ता ?

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नांदड़ी के बलराम नगर से डेढ़ करोड़ की फिरौती के लिए कार में भूपेन्द्र चौधरी (5) के अपहरण मामले में बुधवार को पर्दाफाश हो गया। अपहरण करने वाले पांच युवकों में से एक रिटायर्ड वकील का बेटा है और बाकी चार भी अच्छे घर से संबंध रखते हैं। पांचों युवक अपहृत बच्चे के घर के आस-पास ही रहते हैं। 

पुलिस ने अपहरण में शामिल पांचों युवकों को हिरासत में ले लिया है। इन पांचों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि अपहरण के एक दिन पहले ही इन लोगों ने अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार अपहरण पैसों के लिए नहीं मजाकिया तौर पर किया गया था।

दो युवक पहले ही चढ़ गए पुलिस के हत्थे
गौरतलब है कि गत शनिवार को अपहरण के बाद भूपेन्द्र को दो अपहरणकर्ता सोमवार देर रात मोटरसाइकिल पर बावड़ी में एक होटल के पास छोड़कर चले गए थे। वे बाईक में पेट्रोल भरवाने का कहकर गए थे। उनके रवाना होते ही भूपेंद्र ढाबा मालिक तक पहुंचा व मोबाइल की मदद से मां से बात की थी। 

पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ ने बताया कि पांच में से दो साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन ये बात गोपनीय रखी गई थी। भूपेन्द्र को बावड़ी ले जाया गया, लेकिन वह ठिकाना नहीं पहचान पाया। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है।

पांचों युवक अच्छे घर से ताल्लुक रखने वाले
पुलिस ने बताया कि पांच में से एक युवक रिटायर्ड वकील का बेटा है। दो युवक अमीर घराने से हैं। पूछताछ में सामने आया कि अपहरण के एक दिन पहले पांचों ने भूपेंद्र को अगवा करने की साजिश रची थी। अपहरण भी पैसे के लिए नहीं बल्कि मजाकिया तौर पर किया गया।

प्रेस वार्ता में खुलेंगे और राज
बुधवार शाम पुलिस कमिश्नर अशोक राठौड़ के नेतृत्व में होने वाली प्रेस वार्ता में अपहरण से जुड़े और तथ्य उजागर होंगे। पांचों युवकों ने अपहरण क्यों किया था, ये राज भी प्रेस वार्ता में खुलेगा।

ये है मामला
भोपालगढ़ थानान्तर्गत कुड़ हाल बलराम नगर (नांदड़ी) निवासी भूपेन्द्र (8) पुत्र सियाराम जाट शनिवार सुबह साढ़े छह बजे बड़ी बहन को स्कूल बस तक छोडऩे गली के बाहर तक गया था। घर से मात्र सौ मीटर की दूर बिना नम्बर की कार में मुंह पर कपड़ा बांधे सवार दो युवकों ने बालक को टॉफी दिलाने और घुमाने का लालच दे पास बुलाया। बालक ने परिचय पूछा तो उन्होंने कहा वे उसके पिता के दोस्त हैं। आश्वस्त होने के बाद बालक के कार में बैठते ही वे उसे बनाड़ की तरफ ले भागे
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