पंचांग में उलझी होली, पुराण ने सुझाया हल।

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पंचांग में उलझी होली, पुराण ने सुझाया हल
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होलिका दहन की तारीख इस बार पंचांग में उलझ रही है। स्थानीय वल्लभ मनीराम पंचांग होलिका दहन का मुहूर्त 22 मार्च का बता रहा है, तो बाकी पंचांग में 23 मार्च को होलिका दहन करना श्रेष्ठ बताया जा रहा है। अब चूंकि वल्लभ मनीराम पंचांग को स्थानीय स्तर पर ज्यादा मान्यता मिली हुई है। एेसे में होली मनाने को लेकर जिलेभर में पशोपेश पैदा हो गई है। लेकिन, इसी बीच पत्रिका ने जब पूरे मामले की पड़ताल की तो सभी ज्योतिष शास्त्रियों ने धर्म सिंधू व भविष्य पुराण के हिसाब से होलिका दहन का मुहूर्त 23 मार्च का ही श्रेष्ठ बताया।

पेश है मामले की पूरी रिपोर्ट...... अब इसलिए 23 मार्च का मुहूर्त श्रेष्ठ जिले के ज्योतिषी अब होलिका दहन 23 मार्च को करने पर ही राजी हैं। इस वजह 23 को भद्रा रहित दिन होना है। पं. रामावतार मिश्र ने बताया कि इस बार पूर्णिमा 22 मार्च को अपराह्न 3.13 मिनट से शुरू होकर 23 मार्च शाम 5.31 बजे तक रहेगी। इसके साथ भद्रा भी 22 मार्च को 3.13 मिनट से शुरू होकर रात 4 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। यानी 23 मार्च की पूर्णिमा भद्रा रहित होगी। अब चूंकि रक्षा बंधन व होलिका दहन भद्रा काल में निषेध है। एेसे में 23 मार्च का होलिका दहन ही सर्वश्रेष्ठ रहेगा। धर्म सिंधु-भविष्य पुराण का भी यही मत धर्म सिंधु व भविष्य पुराण के मत भी 23 मार्च की होली के पक्ष में हैं। धर्म सिंधु के पेज 218 पर लिखा है कि पूर्व दिने भद्रा दोषात... यानी पहले दिन की भद्रा दोष की रहती है। जिसमें होलिका दहन नहीं किया जाना चाहिए। भविष्य पुराण में भी महर्षि वेदव्यास का वाक्य है- द्वितीय दिने यदा .. यानी एेसी स्थिति में दूसरे दिन होलिका दहन श्रेष्ठ रहता है। इस समय करें होलिका दहन ज्योतिष शास्त्रियों के मुताबिक 23 मार्च को होलिका दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त आधे घंटे का रहेगा। जो कि शाम पांच बजे से लेकर 5 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। क्योंकि इस समय भद्रा रहित पूर्णिमा के साथ सांयकाल भी रहेगा। पंचांगों से पनपी बहस जिले के ज्यादातर ज्योतिषशास्त्री तीज-त्यौहार के मुहूर्त के लिए वल्लभ मनिराम पंचांग को ज्यादा तवज्जो देते रहे हैं। लेकिन, होलिका दहन की सरकारी छुट्टी 23 मार्च की घोषित होने के बावजूद इस पंचांग में होलिका दहन का मुहूर्त 22 मार्च का बताया गया। उधर राजधानी पंचांग, जयपुर पंचांग, विश्व विजय पंचांग व बृजभूमि सरीखे पंचाग भी 23 का ही मुहूर्त श्रेष्ठ बता रहे हैं। एेसे में होलिका दहन को लेकर ज्योतिषियों में भी हल्का मतभेद उभर आया।


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