ऐसे 12 कारण जिनकी वजह से बचपन में हॉलीडेज़ बिंदास लगते थे

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हॉलीडेज़ किसे पसंद नहीं हैं, हमारे जीवन में यादों का एक सुनहरा पल इन्हीं हॉलीडेज़ से आता है. वैसे हॉलीडेज़ एक ऐसा समय होता है, जो बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी बहुत प्यारा होता है. बंदे के अंदर एक बच्चा हमेशा जिंदा रहता है. बचपन में जब हॉलीडेज़ होती थी तो मन गार्डन-गार्डन हो जाता था. वो हाल वैसे आज भी है. पर आज लेखक बचपन की बात करेगा.

1. देरी से उठने का मज़ा ही कुछ और...

रोज़ स्कूल जाने के लिए जल्दी उठ-उठ कर हम बोर से हो जाते थे, इसीलिए इन हॉलीडेज़ पर बिंदास देरी से उठना होता था बॉस...
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2. जमकर खेलना

स्कूल के होमवर्क से मिलती थी छुट्टी और खेलने में बीतता था सारा समय. 
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3. मामा के घर जाना

मामा का घर हमारे लिए बड़ी मज़ेदार ही जगह होती है. छुट्टी पड़ते ही हम मम्मी-पापा से मामा के घर जाने के लिए कहते थे, क्योंकि वहां हमारे जैसे ही भाई-बहन होते और फ़िर सब मिलकर मस्ती करते. वहां सब तूफ़ानी ही करते थे.
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4. आईला, पापा-मम्मी भी खेलते थे

यार जब छुट्टियां पड़ती थी, तो हमारे साथ मम्मी-पापा भी खेलते थे. वो दिन आज भी याद आते हैं.
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5. यारों के साथ मस्ती

मौहल्ले में अपुन के दोस्त लोग मिलकर मस्ती करते थे. वो पल आज भी याद होंगे आपको.
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6. रोज़ शाम गली क्रिकेट

साला स्कूल का काम शाम तक खत्म ही नहीं होता था. लेकिन जब छुट्टियां पड़ती तो बस शाम को गली क्रिकेट चलती थी. मौहल्ले वाले सब परेशान, हम पर अल्ला मेहरबान.
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7. पूरा दिन टीवी देखना     

कार्टून, फ़िल्मस देखने का समय तो बस इन्हीं दिनों मिलता था.
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8. मस्त खाना मिलता था यार

आलू के परांठे और दही, जंक फूड और गर्मियों में मम्मी-पापा के साथ आइसक्रीम खाने वाला वो पल कोई भूल सकता है भला?

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9. गांव में जाना

ठंड़ी हवा, खेत में जाकर टयूव्बेल के नीचे बैठकर नहाना. सच में बड़ा ही मज़ेदार होता था. जब गांव में जाते थे तो वहां दादी के हाथ का खाना खाने को मिलता था.
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10. कॉमिक्स पढ़ना और ड्राइंग करना

जैसे हमारा बचपन होता है, वैसे ही हम कागज़ों पर रंग उतारते थे.
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क्या आपको आज याद आती है अपने उन पलों की? 
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