पंद्रह अगस्त करीब है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लाल किले से देश को पहली बार संबोधित करेंगे. जेहन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस भाषण में क्या होगा. निश्चित तौर पर नरेन्द्र मोदी देश को ये विश्वास दिलाने की कोशिश करेंगे कि

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पंद्रह अगस्त करीब है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लाल किले से देश को पहली बार संबोधित करेंगे. जेहन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस भाषण में क्या होगा. निश्चित तौर पर नरेन्द्र मोदी देश को ये विश्वास दिलाने की कोशिश करेंगे कि उन्हें चुन कर लोगों ने कोई गलती नहीं की.
पहली बार संसद आने वाले मोदी प्रधानमंत्री बन कर पहली ही बार पूरे देश को संबोधित करेंगे तो डेढ़ घंटे के उनके भाषण में सैकड़ों रैलियों में दिये अपने ही पुराने भाषणों का निचोड़ होगा. जिन वादों के बूते वो सत्ता में आए, उन वादों को पूरा करने का भरोसा दिलाना होगा.
महंगाई दूर करने का मोदी मंत्र
निश्चित रूप से नरेन्द्र मोदी देश की आम जनता की जेब को महफूज रखने का भरोसा दिलाएंगे. महंगाई दूर करने के रास्ते दिखाएंगे.
भ्रष्टाचार पर प्रहार
भ्रष्टाचार भगाने का वादा भी मोदी ने ही किया था. अब मोदी देश को बताएंगे कि अगले पांच सालों में भ्रष्टाचार कैसे दूर होगा. काले धन पर एसआईटी के गठन को जनता के सामने पेश कर सकतें हैं.
गरीब-किसानों का उद्धार
हाल ही में मोदी ने तमाम बड़े कृषि वैज्ञानिकों और नीति नियंताओं के बीच खड़े होकर कहा था कि हमें किसानों के आगे नतमस्तक होना चाहिए क्योंकि वही हमारे अन्नदाता हैं. 15 अगस्त को उनके संबोधन में किसान और भारत के गरीबों के लिए योजनाएं होंगी. उनके लिए नीतियां होंगी. उनके उत्थान का भरोसा होगा.
कैसा होगा पड़ोस से रिश्ता
चुनाव प्रचार के दौरान मोदी चीन और पाकिस्तान पर कई बार लाल पीले हुए. साथ ही ये भी कहा कि हमें अपने आत्मसम्मान के लिए आंखें मिला कर चलना होगा. अब उन्हे देश को बताना होगा कि पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध किस रास्ते पर आगे बढ़ेंगे.
ब्रिक्स से क्या हासिल किया
ब्रिक्स सम्मेलन से लौटे मोदी देश से अपने अनुभव साझा करेंगे. देश की जनता को बताएंगे कि ब्रिक्स से अर्थव्यवस्था की ईंट कैसे जुड़ने वाली है.
अमेरिका से उम्मीदें
नरेन्द्र मोदी सितंबर में अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं. अभी अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी भारत आए हुए हैं. मोदी देश को बताएंगे कि अमेरिका से उन्हें क्या उम्मीदें हैं. कैसे भारत और अमेरिका एक दूसरे को सहयोग करते हुए आगे बढ़ सकते हैं.
लाल किले से उनके पहले भाषण में नए वादे होंगे, नई नीतियां होंगी, योजनाएं होंगी. और दो ढाई महीने पुरानी अपनी सरकार की सार्थकता साबित करने वाले शब्द होंगे.
पंद्रह अगस्त करीब है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लाल किले से देश को पहली बार संबोधित करेंगे. जेहन में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस भाषण में क्या होगा. निश्चित तौर पर नरेन्द्र मोदी देश को ये विश्वास दिलाने की कोशिश करेंगे कि उन्हें चुन कर लोगों ने कोई गलती नहीं की. पहली बार संसद आने वाले मोदी प्रधानमंत्री बन कर पहली ही बार पूरे देश को संबोधित करेंगे तो डेढ़ घंटे के उनके भाषण में सैकड़ों रैलियों में दिये अपने ही पुराने भाषणों का निचोड़ होगा. जिन वादों के बूते वो सत्ता में आए, उन वादों को पूरा करने का भरोसा दिलाना होगा.  महंगाई दूर करने का मोदी मंत्र निश्चित रूप से नरेन्द्र मोदी देश की आम जनता की जेब को महफूज रखने का भरोसा दिलाएंगे. महंगाई दूर करने के रास्ते दिखाएंगे.  भ्रष्टाचार पर प्रहार भ्रष्टाचार भगाने का वादा भी मोदी ने ही किया था. अब मोदी देश को बताएंगे कि अगले पांच सालों में भ्रष्टाचार कैसे दूर होगा. काले धन पर एसआईटी के गठन को जनता के सामने पेश कर सकतें हैं.  गरीब-किसानों का उद्धार हाल ही में मोदी ने तमाम बड़े कृषि वैज्ञानिकों और नीति नियंताओं के बीच खड़े होकर कहा था कि हमें किसानों के आगे नतमस्तक होना चाहिए क्योंकि वही हमारे अन्नदाता हैं. 15 अगस्त को उनके संबोधन में किसान और भारत के गरीबों के लिए योजनाएं होंगी. उनके लिए नीतियां होंगी. उनके उत्थान का भरोसा होगा.  कैसा होगा पड़ोस से रिश्ता चुनाव प्रचार के दौरान मोदी चीन और पाकिस्तान पर कई बार लाल पीले हुए. साथ ही ये भी कहा कि हमें अपने आत्मसम्मान के लिए आंखें मिला कर चलना होगा. अब उन्हे देश को बताना होगा कि पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध किस रास्ते पर आगे बढ़ेंगे.  ब्रिक्स से क्या हासिल किया ब्रिक्स सम्मेलन से लौटे मोदी देश से अपने अनुभव साझा करेंगे. देश की जनता को बताएंगे कि ब्रिक्स से अर्थव्यवस्था की ईंट कैसे जुड़ने वाली है.  अमेरिका से उम्मीदें नरेन्द्र मोदी सितंबर में अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं. अभी अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी भारत आए हुए हैं. मोदी देश को बताएंगे कि अमेरिका से उन्हें क्या उम्मीदें हैं. कैसे भारत और अमेरिका एक दूसरे को सहयोग करते हुए आगे बढ़ सकते हैं.  लाल किले से उनके पहले भाषण में नए वादे होंगे, नई नीतियां होंगी, योजनाएं होंगी. और दो ढाई महीने पुरानी अपनी सरकार की सार्थकता साबित करने वाले शब्द होंगे.
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